सोनम वांगचुक से आधी रात को मिलने पहुंचे मोदी के 2 मंत्री, अनशन समाप्त करने की 3 शर्तें
इस सबके बीच, छात्र आंदोलन का मुख्य केंद्र बनी कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के वार्ता के प्रस्तावों पर सख्त रुख अपनाया है। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने नड्डा के आवास पर दूसरी बार जाने से स्पष्ट इनकार कर दिया।

Sonam Wangchuk Hunger Strike: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलन के बीच केंद्र सरकार भारी दबाव में नजर आ रही है। सरकार ने इस मुद्दे पर संवाद और सुलह का रुख अपनाया है। मंगलवार देर रात सरकार के संकटमोचक के रूप में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और पीएमओ के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने वहां अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से लगभग एक घंटे तक बातचीत की। मंत्रियों ने वांगचुक से अपना 25 दिनों से जारी अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया और आश्वासन दिया कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करने के लिए तैयार है। कहा जा रहा है कि इस दौरान वांगचुक ने भी सरकार के सामने शर्तें रखी हैं।
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न करने का ठोस आश्वासन देती है तभी वे अनशन तोड़ेंगे। इसके अलावा उन्होंने दो मुख्य मांगों पर भी मंत्रियों से सकारात्मक रुख की बात कही। इसमें पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा शामिल है। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने को संसद में सार्थक चर्चा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी रखी है। वांगचुक ने चलो संसद मार्च का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस बल प्रयोग के बावजूद प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि विभिन्न दलों के लगभग 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर अनशन समाप्ति का आग्रह किया है।
नड्डा के घर नहीं जाएगी CJP
इस सबके बीच, छात्र आंदोलन का मुख्य केंद्र बनी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के वार्ता के प्रस्तावों पर सख्त रुख अपनाया है। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने जे.पी. नड्डा के आवास पर दूसरी बार जाने से स्पष्ट इनकार कर दिया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हमने उन्हें साफ कह दिया है कि हम उनके कार्यालय या घर नहीं आएंगे। मंगलवार को हमें चार घंटे तक इंतजार कराया गया। हमारा समय भी बेहद कीमती है। यदि सरकार सचमुच बातचीत करना चाहती है तो उन्हें जंतर-मंतर आना होगा या पास का कोई तटस्थ स्थान चुनना होगा।"
संसद में विपक्ष का आक्रामक रुख
संसद सत्र के दौरान विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी और तेज कर दी है। मंगलवार को जहां विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस की बर्बरता पर चर्चा की मांग की थी, वहीं बुधवार को रुख और कड़ा करते हुए कहा कि किसी भी चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए। बुधवार शाम भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार एक उत्तरदायी और संवेदनशील सरकार है। उन्होंने विपक्ष से इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील की।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस शासित या उनके सहयोगी दलों वाले राज्यों में हुए पेपर लीक पर वे पूरी तरह चुप रहते हैं। वांगचुक के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य का हाल जाना था और उनके पत्र का जल्द ही औपचारिक जवाब दिया जाएगा।
मेदांता प्रबंधन ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन
वांगचुक पिछले 25 दिनों से अनशन पर हैं और उनका वजन 11 किलोग्राम घट चुका है। बुधवार शाम मेदांता अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय दुरानी की ओर से वांगचुक का स्वास्थ्य बुलेटिन जारी किया गया। इसके अनुसार वांगचुक को आईसीयू में डॉक्टरों की एक बहु-विषयक टीम की देखरेख में रखा गया है।


