भारत से 8000 km दूर मिलेंगे मोदी-ट्रंप, क्यों पिछली बार मिलते-मिलते रह गए
मार्च में स्पष्ट हो गया था कि पीएम मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए फ्रांस जाने वाले हैं। उस दौरान फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बैरोट ने जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी और उनके साथ बातचीत की।

पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जल्द मुलाकात हो सकती है। दरअसल, संभावनाएं जताई जा रही हैं कि दोनों नेता जून में फ्रांस में आयोजित होने वाली G7 बैठक के दौरान मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, द्विपक्षीय वार्ता को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। एक ओर जहां अमेरिका, ईरान के साथ युद्ध में जुटा हुआ है। वहीं, इस युद्ध की आंच भारत को ईंधन के मोर्च पर झेलनी पड़ रही है। फ्रांस में यह बैठक 15 से 17 जून को होने जा रही है।
ट्रंप जाएंगे फ्रांस!
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप फ्रांस में जी7 बैठक में शामिल होंगे। रिपोर्ट में बताया गया कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, व्यापार और अपराध सें जंग जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। साथ ही कहा जा रहा है कि ट्रंप व्यापार में अमेरिका के सहयोग, अमेरिका में बने एआई टूल्स और अहम मिनरल सप्लाई चेन पर चीन का प्रभाव कम करने समेत कई मुद्दों पर बोल सकते हैं।
पीएम मोदी भी होंगे शामिल
मार्च में स्पष्ट हो गया था कि पीएम मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए फ्रांस जाने वाले हैं। उस दौरान फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बैरोट ने जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी और उनके साथ बातचीत की।
दोनों मंत्रियों ने इस बात पर खुशी जताई थी कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 से 17 जून को होने वाले एवियन शिखर सम्मेलन में शामिल होने की बात पक्की कर दी है। मंत्रियों ने इस बात पर भी जोर दिया था कि दुनिया की बड़ी आर्थिक समस्याओं को सुलझाने और अंतरराष्ट्रीय दोस्ती व एकजुटता को बढ़ाने में भारत का बहुत बड़ा योगदान है।
होर्मुज का मुद्दा उठा
मार्च में भारत में फ्रांस के दूतावास ने कहा था, 'मंत्रियों ने मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर विस्तार से बात की है। वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपसी सहयोग करने पर सहमत हो गए हैं।'
हालांकि भारत जी7 का सदस्य नहीं है, लेकिन इसके वर्तमान अध्यक्ष फ्रांस ने उसे भागीदार देश के रूप में आमंत्रित किया है। फ्रांस ने भारत के अलावा सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और ब्राजील को अब्बे डेस-वॉक्स-डे-सेर्ने में जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। खास बात है कि तब जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो से भी चर्चा की थी।
पिछली बार नहीं हो सकी थी मुलाकात
बीते साल जून में भी जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात होने वाली थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। विदेश मंत्रालय ने कहा था, 'प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात जी7 सम्मेलन के दौरान होने वाली थी। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप को अचानक जल्दी अमेरिका लौटना पड़ा, जिसकी वजह से यह मुलाकात नहीं हो पाई।' मंत्रालय ने बताया था, 'इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप के कहने पर आज दोनों नेताओं ने फोन पर बात की। यह बातचीत करीब 35 मिनट तक चली।'
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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