विजय थालापति की TVK को कैसे मिला बहुमत का आंकड़ा, विरोधी एमके स्टालिन ने भी की मदद; क्या थी वजह

Mohammad Azam हिन्दुस्तान, चेन्नई
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तमिलनाडु में टीवीके चीफ विजय थालापति आज सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं। लेकिन बहुमत का आंकड़ा पाना थालापति के लिए इतना आसान नहीं था। अब डीएमके ने दावा किया है कि उसने अपने सहयोगियों को टीवीके को समर्थन देने के लिए राजी किया है।

विजय थालापति की TVK को कैसे मिला बहुमत का आंकड़ा, विरोधी एमके स्टालिन ने भी की मदद; क्या थी वजह

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के नतीजों के लगभग 5 दिनों के बाद अब सरकार बनाने की स्थिति साफ हो गई है। आज यानी 10 मई को टीवीके चीफ विजय थालापति मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। लेकिन ये इतना आसान नहीं था। चुनावी नतीजों में विजय की पार्टी को बहुमत नहीं मिल पाया था। इसके लिए कई समीकरण बन रहे थे, लेकिन अंत में विजय की टीवीके को 118 से ज्यादा विधायकों का समर्थन मिल गया और अब वो सरकार बनाने जा रहे हैं। डीएमके ने दावा किया है कि विजय को बहुमत का आंकड़ा पाने में एमके स्टालिन ने भी मदद की है।

'स्टालिन ने सहयोगी दलों को समर्थन के लिए मनाया'

तमिलनाडु में सरकार बनाने की आज की संभावनाओं के बीच डीएमके ने बड़ा दावा किया है। डीएमके का दावा है कि डीएमके ने अपने सहयोगी दलों को टीवीके को समर्थन देने के लिए मनाया। डीएमके ने कहा कि स्टालिन ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वो राज्य में किसी तरह का संवैधानिक संकट नहीं चाहते थे। डीएमके ने कहा कि काफी सोच-विचार करने के बाद स्टालिन ने अपने सहयोगियों को टीवीके को समर्थन देने के लिए राजी किया।

डीएमके का बड़ा दावा

विजय को समर्थन देने वाली बात पर डीएमके नेता ए. सरवनन ने बताया कि अभिनेता से राजनेता बने विजय को तमिलनाडु के सीएम पद पर बिठाया जाएगा। सरवनन ने कहा कि यह फैसला डीएमके चीफ एमके स्टालिन ने अपने सहयोगी दलों से टीवीके को समर्थन देने के लिए राजी किया। सरवनन ने कहा कि तमिलनाडु के सीएम को बधाई। वो डीएमके के सहयोगी दलों की मदद से मुख्यमंत्री बन सके हैं। सरवनन ने दावा किया कि स्टालिन तमिलनाडु में संवैधानिक संकट नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने गहन विचार-विमर्श के बाद सहयोगी दलों को टीवीके को समर्थन देने पर राजी कर लिया।

टीवीके को समर्थन देने के डीएमके ने कांग्रेस पर निशाना साधा। डीएमके ने कहा कि इंडिया गठबंधन को छोड़कर सबसे पहले कांग्रेस टीवीके के समर्थन में आई थी। इस दौरान सरवनन ने कहा कि कांग्रेस की तमिलनाडु में 5 सीटें सिर्फ इसलिए आ गईं, क्योंकि डीएमके और स्टालिन के कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु की जमीन पर जमकर मेहनत की थी।

बता दें कि 4 मई को तमिलनाडु के चुनावी नतीजे घोषित किए गए। इन चुनावों में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। टीवीके के बाद एआईडीएमके और डीएमके तीसरे नंबर पर रही। तमिलनाडु चुनावों में किसी भी पार्टी को बहुमत का आंकड़ा ना मिलने पर सबसे बड़ा सवाल सामने आया कि अब राज्य का मुख्यमंत्री कौन बनेगा। टीवीके ने सरकार बनाने के लिए जद्दोजहद शुरू कर दी। इस दौरान सबसे पहले कांग्रेस ने डीएमके का साथ छोड़कर टीवीके को समर्थन दे दिया। हालांकि, कांग्रेस के समर्थन के बाद भी टीवीके बहुमत के जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पा रही थी। अब बारी थी लेफ्ट पार्टियों और वीसीके की। बाद में इन सबने भी टीवीके को समर्थन दे दिया और विजय थालापति की पार्टी को 120 विधायकों का समर्थन प्राप्त हो गया। अब वो मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।

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