AI का दुरुपयोग हो सकता है खतरनाक, अश्विनी वैष्णव ने मनोरंजन और मीडिया इंडस्ट्री को लेकर जताई चिंता
राजधानी दिल्ली में हो रहे एआई इंपैक्ट शिखर सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ऐआई के नियंत्रित इस्तेमाल बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि इससे मनोरंजन और मीडिया इंडस्ट्री में विश्वसनीयता को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती है।

राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किए गए एआई इंपैक्ट शिखर सम्मेलन 2026 इस बात पर मंथन किया जा रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल जनता के लिए कैसे किया जा सकता है और इसकी क्या चुनौतियां हैं। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई इंपैक्ट समिट का उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह कैसे सबके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। वहीं यूनियन इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड आई मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 30 देशों के मंत्रियों के साथ इसी बात पर चर्चा हो रही है कि मीडिया में कैसे एआई के दुरुपयोग से बचा जा सकता है। उन्होने कहा कि डीपफेक और सिंथेटिक कॉन्टेंट लोकतंत्रा, रचनात्मक उद्योग और विश्वसनीयता के लिए बड़ा खतरा है।
एआई के अनियंत्रित होने का खतरा
एआई इंपैक्ट समिट में वैष्णव ने कहा, बिना सुरक्षा के अगर धड़ाधड़ इनोवेशन भी होता चला गया तो यह अनियंत्रित हो जाएगा। ऐसे में सरकारों को एआई से बनाए गए कॉन्टेंट के लिए भी नियम और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया निर्धारित करनी चाहिए। इसके अलावा मानवीय रचनात्मकता और मूल कार्य का महत्व भी बनाए रखने की जरूरत है।
मीडिया और मनोरंजन जगत में एआई से चुनौतियां
मोशन पिक्चर्स ऐसोसिएशन के चेयरमैन और सीईओ चार्ल्सरिवकिन के साथ बातचीत में वैष्णव ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन उद्दोयग में लोगों को एआई का जिम्मेदार ढंग से ही इस्तेमाल करना चाहिए। वष्णव ने कहा कि एआई के दुरुपयोग से गलत सूचना और अफवाहों का खतरा ज्यादा है। इसके अलावा डीपफेक वीडियो समाज की नींव पर ही हमला कर रहे हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि सरकारी ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स के भी दुरुपयोग पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा एआई मॉडल, डिवेलपर्स और कॉन्टेंट क्रिएटर्स पर नजर रखी जाए।
वैष्णव ने कहा, अभिव्यक्ति की आजादी भी विश्वास पर ही टिकी है। डीपफेक और डेटा ब्रीच पर समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑरेंज इकॉनमी के विस्तार के लिए भारत जल्द ही 'क्रिएट इन इंडिया' मिशन शुरू करेगा।इसका फोकस लंबी अवधि के लिए उद्योग और रोजगार पर होगा। इसके जरिए 25 साल के आर्थिक विकास का लक्ष्य तय किया जाएगा।
वैष्णव ने कहा, हम पहले से ही लगभग 30 देशों के साथ एक कॉमन टेक्निकल और लीगल सल्यूशन सेंटर बनाने को लेकर बात कर रहे हैं। इससे मीडिया और मनोरंजन जगत में ऐआई के दुरुपयोग से बचा जा सके। बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए है
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Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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