मिडिल ईस्ट युद्ध में कितने भारतीयों की गई जान? पहली बार विदेश मंत्रालय ने बताया
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि क्षेत्र में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि क्षेत्र में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जयसवाल ने बताया कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों में करीब एक करोड़ भारतीय प्रवासी रहते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत सरकार के लिए बेहद अहम है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ये हताहत उस समय हुए जब भारतीय नागरिक व्यापारिक जहाजों पर सवार थे, जिन पर संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्र में हमला हुआ। मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस संघर्ष के दौरान खाड़ी क्षेत्र में कुछ भारतीय घायल भी हुए हैं। इनमें से एक व्यक्ति इजरायल में घायल हुआ है, जबकि दुबई में भी एक भारतीय के घायल होने की सूचना मिली है। जयसवाल ने कहा कि अब तक दो भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है और एक व्यक्ति अभी भी लापता है। हम मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
इस दौरान उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय घायल भारतीयों के संपर्क में है और क्षेत्र में मौजूद भारतीय दूतावास व मिशन लगातार भारतीय समुदाय से संपर्क बनाए हुए हैं तथा आवश्यक सहायता का समन्वय कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में 24 घंटे काम करने वाला विशेष नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। यह नियंत्रण कक्ष आपातकालीन कॉल और ईमेल प्राप्त कर प्रभावित देशों में भारतीय दूतावासों व वाणिज्य दूतावासों के साथ समन्वय कर रहा है।
जयसवाल ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और इजरायल के नेताओं के संपर्क में हैं। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर भी ईरान समेत क्षेत्र के कई देशों के अपने समकक्षों से लगातार बातचीत कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और कई खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे समुद्री मार्गों में बाधा आई और वैश्विक ऊर्जा बाजारों के साथ अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थिरता भी प्रभावित हुई।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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