जहां बनी कांग्रेस की नई-नई सरकार, वहां चार रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ दूध; केरल CM ने दी मंजूरी
MILMA चेयरमैन ने बताया कि दाम बढ़ाने का फैसला हालांकि, पिछली सरकार ने ही मंजूर कर लिया था, लेकिन आचार संहिता की वजह से इसे लागू नहीं किया गया था। अब नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की मंजूरी मिलने पर अब इसे लागू किया जा रहा है।

दक्षिणी राज्य केरल में दूध चार रूपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। हालिया चुनावों के बाद केरल में बनी नई कांग्रेस सरकार ने दूध के दाम में चार रुपये प्रति लीटर बढ़ोत्तरी को मंजूरी दे दी है। नई कीमतें 1 जून से लागू होंगी। राज्य की सहकारी डेयरी संस्था मिल्मा (MILMA) ने इसका ऐलान किया है। MILMA चेयरमैन के एस मणि ने बताया कि दाम बढ़ाने का फैसला हालांकि, पिछली सरकार ने ही मंजूर कर लिया था, लेकिन आचार संहिता की वजह से इसे लागू नहीं किया गया था। अब नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की मंजूरी मिलने पर अब इसे लागू किया जा रहा है।
MILMA के अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला केरल कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (KCMMMF) के निदेशक मंडल की बैठक में लिया गया। इस फेडरेशन को आम तौर पर MILMA के नाम से जाना जाता है। MILMA के चेयरमैन के.एस. मणि ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि कीमत में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा डेयरी किसानों को दिया जाएगा।
बढ़ी हुई राशि का 83.75 प्रतिशत हिस्सा किसानों को मिलेगा
उन्होंने कहा, "1 जून से कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया गया है। चूंकि MILMA किसानों का एक समूह है, इसलिए यह फैसला लिया गया है कि इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा हिस्सा किसानों को ही दिया जाए।" उनके अनुसार, बढ़ी हुई राशि का 83.75 प्रतिशत हिस्सा किसानों को मिलेगा। यानी इस बढ़ोतरी का मुख्य हिस्सा (लगभग ₹3.35 से ₹3.75 प्रति लीटर) सीधे तौर पर डेयरी किसानों को दिया जाएगा।
पिछली सरकार ने ही दे दी थी मंजूरी
मणि ने बताया कि 4 रुपये प्रति लीटर की कुल बढ़ोतरी में से डेयरी किसानों को 3.35 रुपये मिलेंगे, जबकि सहकारी समितियों और विक्रेताओं को भी इसका उचित हिस्सा दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि MILMA बढ़ी हुई राशि में से केवल एक मामूली हिस्सा अपने पास रखेगा और किसानों को मिलने वाले हिस्से में कोई कटौती नहीं करेगा। सूत्रों ने बताया कि वामपंथी सरकार ने पहले ही MILMA की कीमत संशोधन की सिफारिश को मंजूरी दे दी थी, लेकिन चुनावों के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता के कारण इस बढ़ोतरी को लागू नहीं किया जा सका था। बता दें कि इससे पहले अमूल ने भी दो रूपये प्रति लीटर दूध के दाम में बढ़ोतेतरी की थी।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


