PM मोदी की अपील के बीच शिवसेना सांसद ने बताया 100 करोड़ बचाने का तरीका, क्या करना होगा
मिलिंद देवड़ा का कहना है कि यदि संसदीय समितियों की बैठक ऑनलाइन ही कराई जाएं तो सालाना 100 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में अपील की थी कि हमें वर्क फ्रॉम होम पर फिर से ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा विदेश यात्रा आदि भी कम करनी चाहिए।

पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल को बचाने की अपील की है। उनके अलावा कई मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की ओर से भी ऐसी ही सलाह दी जा रही है। इस बीच सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के सहयोगी दल शिवसेना के सांसद मिलिंद देवड़ा ने एक सुझाव सरकार को दिया है और उनका कहना है कि इससे 100 करोड़ रुपये हर साल बचेंगे। मिलिंद देवड़ा का कहना है कि यदि संसदीय समितियों की बैठक ऑनलाइन ही कराई जाएं तो सालाना 100 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में अपील की थी कि हमें वर्क फ्रॉम होम पर फिर से ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा विदेश यात्रा आदि भी कम करनी चाहिए।
शिवसेना के राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा कि संसदीय समितियों की बैठक और पीएसयू रिव्यू मीटिंग्स को ऑनलाइन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब संसद का सत्र न चल रहा हो, तब ऐसा किया जा सकता है। ऐसे समय में सांसदों को बैठक के लिए दिल्ली आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से सरकारी खर्च कम होगा। इसके अलावा कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इसे लेकर मिलिंद देवड़ा ने एक्स पर पोस्ट किया, 'पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के चलते ईंधन बचाने की अपील की है। यह सही फैसला है। इसे ध्यान में रखते हुए हम संसदीय समितियों की बैठकें ऑनलाइन कर सकते हैं।'
उन्होंने कहा कि इसी एक फैसले से सरकार को सालाना 100 करोड़ रुपये की बचत होगी। बता दें कि 24 विभागों से संबंधित संसदीय समितियां हैं। हर समिति में 31 सांसद हैं। इनमें से 21 लोकसभा सांसद हैं और 10 राज्यसभा के मेंबर हैं। इन समितियों की बैठक में मंत्रालय से संबंधित मामलों की चर्चा होती है। इसके अलावा बजट आवंटन के बारे में बात होती है। इनकी रिपोर्ट्स को संसद को सौंपा जाता है। ऐसे में किसी बैठक के लिए आने में सांसदों का बड़ा खर्च होता है। इसलिए यदि बैठकों को ऑनलाइन ही आयोजित किया जाएगा तो उससे बड़ी बचत हो सकेगी।
पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों में पहले ही पाबंदी लागू
बता दें कि भारत में कच्चे तेल की जरूरत का 85 फीसदी हिस्सा आयात किया जाता है। ऐसे में ईरान में चल रही जंग के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का सीधा असर भारत में व्यापक तौर पर दिख रहा है। पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे देशों में पहले से ही तमाम पाबंदियां लागू हैं। भारत का स्ट्रेटेजिक रिजर्व काफी ज्यादा है। इसी के चलते भारत में अब तक किसी पाबंदी की नौबत नहीं आई है, लेकिन अब पीएम मोदी ने जनता से संयम दिखाने की अपील की है।
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