बलि का बकरा बनाया गया, मेस्सी के कार्यक्रम में भगदड़ पर आयोजक ने पूर्व DGP पर दर्ज करवाया केस
पश्चिम बंगाल में लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम में भगदड़ के मामले में आयोजक ने पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास और पूर्व डीजीपी राजीव कुमार के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। उनका कहना है कि जबरन अनाधिकृत लोगों को मैदान में भेजा गया था।

पश्चिम बंगाल में लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम के आयोजक सताद्रु दत्त ने राज्य के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास और तीन अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है जिसमें आरोप लगाया कि पिछले साल दिसंबर में सॉल्ट लेक स्टेडियम में मची अफरा-तफरी के लिए यही लोग जिम्मेदार हैं तथा उन्हें (दत्त को) इस पूरे मामले में ''बलि का बकरा'' बनाया गया। दत्त ने सोमवार शाम विधाननगर दक्षिण थाने में पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य राजीव कुमार, कोलकाता नगर निगम की पार्षद जुइन विश्वास तथा सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सचिव शांतनु बसु के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।
परिवार को मिल रही थी धमकी
गिरफ्तारी के बाद 38 दिन जेल में रहे आयोजक ने पुलिस से हस्तक्षेप की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सॉल्ट लेक स्टेडियम के नाम से पहचाने जाने वाले विवेकानंद युवा भारती क्रीडांगण में 13 दिसंबर 2025 को आयोजित इस बहुचर्चित कार्यक्रम के दौरान मैदान के प्रतिबंधित सुरक्षा क्षेत्र में अवैध रूप से घुसपैठ की गई, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त कर दी गई और कार्यक्रम में व्यवधान डाला गया। दत्त ने कहा, 'मुझे और मेरे परिवार को धमकी दी गई कि अगर मैंने मुंह खोला तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। मेरे पास चुप रहने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। अगर राज्य में सत्ता परिवर्तन नहीं होता तो मैं कभी यह शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।'
दत्त ने यह शिकायत, भाजपा सरकार के नवनियुक्त खेल मंत्री निशीथ प्रामाणिक की ओर से मेस्सी प्रकरण की जांच का आदेश देने की घोषणा के बाद दर्ज कराई है। मेस्सी विवाद पिछले वर्ष दिसंबर में सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुई अव्यवस्था से जुड़ा है, जहां महंगे दामों पर टिकट खरीदने के बावजूद हजारों दर्शक अत्यधिक भीड़भाड़, कथित राजनीतिक हस्तक्षेप और सुरक्षा में चूक के कारण मेस्सी को नहीं देख पाए थे। बाद में दर्शकों के एक वर्ग ने स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ भी की थी।
मंत्री पद का दुरुपयोग
दत्त ने आरोप लगाया कि विस्वास ने अपने मंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए अनधिकृत लोगों को मैदान में प्रवेश करने दिया जिन्होंने मेस्सी को परेशान किया, जिससे फुटबॉल खिलाड़ी को वहां से जाना पड़ा और हजारों प्रशंसक निराश हुए। दत्त ने अपनी शिकायत में कहा, ''तत्कालीन खेल मंत्री अरूप विश्वास ने मुझे लगभग 22,000 निःशुल्क टिकट (वीवीआईपी, वीआईपी और सामान्य श्रेणी समेत) जारी करने के लिए मजबूर किया और इन टिकटों को बाद में ऊंचे दामों पर कालाबाजारी में बेचा गया। इसके अलावा पूर्व खेल मंत्री ने मुझ पर बार-बार दबाव डाला कि मैं 10,000 अतिरिक्त पास बनाऊं, ताकि उनके करीबी मैदान में प्रवेश कर मेस्सी को बिल्कुल करीब से देख सकें।'
दत्त ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ पहले से चर्चा और बार-बार चेतावनी के बावजूद मंत्री और उनकी टीम ने मैदान पर फुटबॉलर की मौजूदगी के दौरान सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल तोड़े। दत्त ने कहा कि उन्हें ''बलि का बकरा बनाया गया।'' उन्होंने कहा, ''मैं पूर्व खेल मंत्री और अन्य के खिलाफ अदालत में 50-50 करोड़ रुपये के दो दीवानी मुकदमे दायर करने की तैयारी कर रहा हूं। पहला मुकदमा मुझे हुए नुकसान के मुआवजे के लिए और दूसरा मेरी छवि धूमिल करने के लिमानहानि का होगा।''
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
और पढ़ें

