
जिंदगी की बजाय मौत को क्यों गले लगा रहे युवा, दिल्ली बम धमाके को लेकर महबूबा मुफ्ती
महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘दिल्ली में में जो घटना हुई, उसमें एक पढ़ा-लिखा डॉक्टर शामिल था। उस घटना ने मुझे हिला कर रख दिया। पार्टी ने फैसला किया है कि हम यहां युवाओं से बात करेंगे। हम उनसे जानना चाहते हैं कि ऐसा क्या मजबूरन दबाव है।’
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर के युवाओं से सीधा संवाद शुरू करेगी, क्योंकि वे जानना चाहती हैं कि युवा जिंदगी की बजाय मौत को क्यों गले लगा रहे हैं। मुफ्ती ने कहा कि पीडीपी यह समझना चाहती है कि युवाओं को जिंदगी की बजाय मौत की ओर धकेलने वाला दबाव क्या है। उन्होंने बताया कि इस संवाद सत्र में कई युवाओं ने अपनी चिंताएं और सुझाव साझा किए। यह सिर्फ शुरुआत है। पार्टी पूरे क्षेत्र में ऐसी ही बैठकों का आयोजन करेगी ताकि जम्मू-कश्मीर की लगातार बनी हुई समस्याओं के वास्तविक समाधान खोजे जा सकें।
महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'दिल्ली में हाल ही में जो घटना हुई, उसमें एक पढ़ा-लिखा डॉक्टर शामिल था। उस घटना ने मुझे हिला कर रख दिया। पार्टी ने फैसला किया है कि हम यहां युवाओं से बात करेंगे। हम उनसे जानना चाहते हैं कि ऐसा क्या मजबूरन दबाव है जो युवाओं को जिंदगी की बजाय मौत अपनाने पर मजबूर कर रहा है। आज कई युवा आए जिन्हें बोलने का मौका मिला। हमें बहुत सारे सुझाव मिले। यह हमारी आखिरी मीटिंग नहीं है। हम दूसरे इलाकों में भी जाएंगे। जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का हल निकालना होगा।' 10 नवंबर की शाम करीब 7 बजे दिल्ली में एक चलती ह्युंडई आई-20 कार में विस्फोट में कुल 15 लोग मारे गए थे। कार को आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी चला रहा था।
वाजपेयी के सुलह वाले रुख का दिया हवाला
पूर्व मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सुलह वाले रुख का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए यही सबसे विश्वसनीय ढांचा है। महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'वाजपेयी साहब ने मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथ जम्मू-कश्मीर की समस्याओं के समाधान के लिए जो रोडमैप बनाया था, उसी पर काम करने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर कहीं नहीं जाएगा। हम शांति और सम्मान से रहना चाहते हैं। किसी एजेंसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपनी खुशी से। इसके लिए सुलह बहुत जरूरी है।'





