बुरी फंसीं महबूबा मुफ्ती, तिरंगे के अपमान को लेकर FIR दर्ज; सपोर्ट में उतरे उमर अब्दुल्ला
महबूबा मुफ्ती तिरंगा: जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन के दौरान तिरंगे को उल्टा पकड़ने को लेकर महबूबा मुफ्ती के खिलाफ एफआईआर हो गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उनका बचाव करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि यह गलती से हुआ है।

Mehbooba Mufti: जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचीं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की चीफ महबूबा मुफ्ती की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राष्ट्र ध्वज को उल्टा पकड़ने के मामले में उनके ऊपर जम्मू में पुलिस केस हो गया है। एक अधिकारी ने बताया कि पक्का डंगा थाने में एक डॉक्टर ने पीडीपी चीफ के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। शिकायत कर्ता ने कहा कि जिस तरीके से महबूबा मुफ्ती ने तिरंगे झंडे को उल्टा पकड़ा हुआ है, उससे न सिर्फ तिरंगे का बल्कि देश के सभी राष्ट्रवादियों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, महबूबा मुफ्ती के खिलाफ यह मामला मंगलवार रात पीडीपी द्वारा धारा 370 हटाए जाने के प्रदर्शन के दौरान हुई घटना को लेकर की गई है। इस दौरान मुफ्ती ने भारत का झंडा लिया हुआ था, वह उल्टा था। हरे रंग की पट्टी ऊपर की तरफ थी, जबकि केसरिया पट्टी नीचे की तरफ थी। झंडे के साथ में उन्होंने जम्मू कश्मीर का पुराना झंडा भी पकड़ा हुआ था, जिसे 370 और 35ए हटाने के बाद रद्द कर दिया गया था। इस मामले में फोटो और वीडियो सामने आए के बाद महबूबा मुफ्ती की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
उमर अब्दुल्ला सपोर्ट में उतरे
महबूबा मुफ्ती के धुर विरोधी और वर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उनका बचाव किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकी महबूबा मुफ्ती ने जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा पकड़ा होगा। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह एक गलती होगी। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि कोई व्यक्ति, जिसने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला हो, वह जानबूझकर तिरंगे को उल्टा पकड़ेगा, मुझे लगता है कि किसी से अनजाने में गलती हुई है।"
उन्होंने कहा, "धारा 370 हटाए जाने के सात साल बीत चुके हैं। लेकिन हमारे जख्म अभी तक भरे नहीं हैं। सात साल गुजरने के बाद भी जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा वापस नहीं लौटा है। हम न्याय की लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध हैं और राज्य का दर्जा बहाल होने तक अपनी मांग उठाते रहेंगे।"
उमर अब्दुल्ला की पार्टी भी कर चुकी है पूर्ण दर्जे की मांग
उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की पार्टी कश्मीर में मुख्य क्षेत्रीय पार्टियां हैं। वर्तमान में उमर अब्दुल्ला सरकार में हैं, जबकि महबूबा मुफ्ती की पीडीपी हाशिए पर है। उमर अब्दुल्ला की पार्टी ने 20 जुलाई को दिल्ली आकर पूर्ण राज्य के दर्जे के लिए धरना प्रदर्शन किया था। इसमें उन्होंने महबूबा मुफ्ती को भी आमंत्रित किया था, लेकिन मुफ्ती ने यह कहकर इनकार कर दिया था कि पूर्ण राज्य के अलावा धारा 370 की वापसी के लिए भी प्रयास करने चाहिए। हालांकि, अब्दु्ल्ला अपनी बात पर अड़े रहे और केवल पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग की। बता दें, उमर अब्दुल्ला इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि केंद्र में मोदी सरकार के रहते हुए 370 की वापसी की उम्मीद करना बेमानी है।
महबूबा मुफ्ती फिर भी लगातार इसकी मांग उठाती रहती हैं। 5 अगस्त को धारा 370 हटाए जाने को सात साल पूरे हो चुके हैं। इसी दिन के लिए मुफ्ती प्रदर्शन कर रही थीं। बता दें, भारतीय संसद से बिल पारित करके कश्मीर से स्पेशल राज्य का दर्जा हटा लिया गया था और कश्मीर को दो हिस्सों में तोड़ कर केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। इसके बाद वहां पर पत्थरबाजी की घटनाओं में बेहद कमी देखने को मिली है।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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