
मेघालय की अवैध कोयला खदान में ब्लास्ट; 18 मजदूरों की मौत, कई के दबे होने की आशंका
एक पहाड़ी पर अवैध खनन किया जा रहा था। यह विस्फोट के कारण ढह गई, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर दब गए। इस हादसे में कम से कम 18 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य फंसे हुए हैं।
मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के एक सुदूरवर्ती इलाके में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में भीषण डायनामाइट विस्फोट होने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने अंदेशा जताया है कि मलबे में और भी मजदूर फंसे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
विस्फोट की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक विशेषज्ञ, राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन सेवा की टीमें स्थिति का जायजा लेने के लिए मयन्संगट थांगस्को क्षेत्र में पहुंच गईं। ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने यूनीवार्ता को बताया कि यह एक डायनामाइट विस्फोट था। उन्होंने बताया कि खदान से अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि झुलसे हुए एक घायल व्यक्ति को इलाज के लिए शिलांग रेफर किया गया है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, एक पहाड़ी पर अवैध खनन किया जा रहा था। यह विस्फोट के कारण ढह गई, जिससे वहां काम कर रहे कई खनिक दब गए। इससे पहले 23 दिसंबर, 2025 को भी थांगस्को गांव में एक विस्फोट हुआ था, जिसमें दो खनिकों की जान चली गई थी।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने अप्रैल 2014 में मेघालय में खतरनाक 'रैट-होल' कोयला खनन पर इसके अवैध और अवैज्ञानिक स्वरूप के कारण प्रतिबंध लगा दिया था। मेघालय हाई कोर्ट द्वारा कोयले से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए नियुक्त किए गए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ब्रोजेंद्र प्रसाद काटाके ने कहा था कि सरकार के ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने के आश्वासन के बावजूद, राज्य में अवैध कोयला खनन और ट्रांसपोर्टेशन जारी है। हालांकि मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने उस समय दावा किया था कि जिला प्रशासन सतर्क है और अवैध खनन से जुड़े 1,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

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Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
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