BRICS समिट: चीन ने भी माना भारत की ताकत का लोहा, जिनपिंग बोले- एक-दूसरे से सीखो
BRICS Summit 2026: ब्रिक्स समिट 2026 के साइडलाइन में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई है। चीन ने भी भारत की ताकत का लोहा माना है। बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे से काफी सीख सकते हैं।

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए आए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच में द्विपक्षीय वार्ता हुई है। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों की वकालत की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी के सामने अपनी बात को रखते हुए चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स को बेहतर काम करने के लिए भारत और चीन का एक साथ आना जरूरी है।
चीनी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे से सीखने के लिए बहुत कुछ है। चीन और भारत एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं। चीन, भारत के साथ अपने संबंधों को रणनीतिक और लंबी समय के नजरिये से देखता है।
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से मिलने पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मुझे नई दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने और आपसे दोबारा मिलकर बहुत खुशी हो रही है। मैं भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता पर बधाई देता हूं।” चीनी राष्ट्रपति ने बताया कि 12 साल में यह उनकी नई दिल्ली की दूसरी यात्रा थी और कहा कि इस दौरान दोनों नेता 20 से ज्यादा बार मिल चुके हैं, जिससे "कई महत्वपूर्ण सहमतियां" बनी हैं।
शी जिनपिंग बोले- दोनों देश एक-दूसरे से सीखें
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि शी ने यह भी कहा कि चीन और भारत एक-दूसरे की खूबियों से सीख सकते हैं और साझा विकास हासिल कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने दोनों देशों से ब्रिक्स सहयोग को और बेहतर बनाने और उच्च-गुणवत्ता वाले विकास के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। चीनी राष्ट्रपति ने कहा, "हालांकि दोनों देश अलग-अलग हैं। फिर भी हमें साझा विकास हासिल करने के लिए एक-दूसरे का समर्थन और मदद करने में कामयाब रहे हैं। चीन और भारत दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश हैं और 'ग्लोबल साउथ' का हिस्सा हैं। हमारी अहम जिम्मेदारियां हैं, क्योंकि मानवता का भविष्य साझा है।"
पीएम मोदी ब्रिक्स के लिए कहा धन्यवाद, सीमावर्ती इलाकों को लेकर की बात
पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को ब्रिक्स समिट को सफल बनाने के लिए सहयोग देने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, "आपका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। BRICS शिखर सम्मेलन में आपकी सकारात्मक बातों के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान चीन से मिले समर्थन और सहयोग के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं।" उन्होंने आगे कहा, "अब हमारे पास द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने का मौका है। एक बार फिर, भारत में आपका स्वागत है।"
बाद में विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतभेदों को विवादों में नहीं बदलने देना चाहिए। दोनों देशों के रिश्ते तीन आपसी बातों पर आधारित होना चाहिए। इसमें आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित को जरूरी रखना है।
गौरतलब है ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति भारत आए हैं। यह गलवान में झड़प होने के बाद उनका पहला भारत दौरा है। गलवान में भारत और चीन के बीच हुई झड़प में दोनों देशों के सैनिक हताहत हुए थे। इसके बाद संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। हालांकि, समय के साथ-साथ फिर से संबंधों में गर्मजोशी दिखाई देने लगी। हाल ही में जब पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत में खाद की कमी हो गई थी। उस वक्त भी चीन से ही भारत ने खरीद की थी। इसके अलावा भी दोनों देश लगातार रिश्तों को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं।


