अमेरिका ने फिर हमला कर 4 भारतीयों को मार डाला? विदेश मंत्रालय ने बताई सच्चाई
सोशल मीडिया पर ओमान के पास 'MT Liaki Freedom' टैंकर पर अमेरिकी हमले और 4 भारतीय नाविकों की मौत का दावा तेजी से वायरल हो रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने सच्चाई बताई है। पूरा सच यहां पढ़ें।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही जिसमें दावा किया गया कि ओमान के पास एक तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस खबर का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह से 'फेक न्यूज' करार दिया है। हालांकि अमेरिका ने हाल ही में गल्फ ऑफ ओमान में एक टैंकर को निशाना बनाया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। नया दावा दूसरे टैंकर पर हमले का है जोकि गलत है।
क्या है वायरल दावा?
'India Sentinels' नामक एक एक्स अकाउंट ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि ओमान के पास 'MT Liaki Freedom' नामक टैंकर पर अमेरिका ने हफ्ते का चौथा हमला किया है। इस कथित हमले में चार भारतीय नाविकों की जान चली गई है। इस पोस्ट में विदेश मंत्रालय (@MEAIndia) और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (@CENTCOM) को भी टैग किया गया था।
विदेश मंत्रालय (MEA) का स्पष्टीकरण
विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट ने इस वायरल पोस्ट पर लाल रंग से "FAKE" का ठप्पा लगाकर सच्चाई स्पष्ट की है। ताजा आधिकारिक जानकारी के अनुसार मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 'Liaki Freedom' पर हमले और 4 भारतीय नाविकों की मौत की रिपोर्ट पूरी तरह से निराधार और झूठी है।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा- हमने 'लियाकी फ्रीडम' जहाज के कैप्टन से बात की है, जिन्होंने पुष्टि की है कि सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और बताई गई जानकारी गलत है।
अफवाह फैलने का असली कारण: खाड़ी में मौजूदा तनाव
यह झूठी खबर ऐसे समय में फैलाई गई है जब खाड़ी क्षेत्र में वास्तव में तनाव का माहौल है। हाल ही में ओमान की खाड़ी में 'MT Settebello' नामक एक कमर्शियल टैंकर पर अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत हुई थी।
इस वास्तविक घटना पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया है और वाणिज्यिक जहाजों पर ऐसे हमलों को अनुचित बताया है। जयशंकर ने कहा, ''आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की। मैंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के उन हमलों के खिलाफ भारत का कड़ा विरोध दोहराया, जिनमें तीन भारतीय नाविकों की जान गई है।''
भारत ने इस मामले में अपना विरोध दर्ज कराने के लिए नयी दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को भी तलब किया था। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया था और कहा था कि यह ''पूरी तरह अस्वीकार्य'' है।
'MT Settebello' की वास्तविक घटना का फायदा उठाते हुए ही 'Liaki Freedom' को लेकर यह झूठी अफवाह उड़ाई गई, जिसे विदेश मंत्रालय ने समय रहते बेनकाब कर दिया। विदेश मंत्रालय ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे झूठे और निराधार दावों के प्रति सतर्क रहें और आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी भी खबर पर विश्वास न करें।
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Amit Kumarडिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।
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