PM मोदी के इस मुलाकात से क्यों उड़ी है अमेरिका की नींद, देने लगा ये धमकी
इससे पहले पीएम मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन से इतर पेजेश्कियान के साथ बातचीत की थी। प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात के बाद बताया था कि बैठक के दौरान दोनों ने ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को और मजबूत करने के संकल्प को दोहराया।

अमेरिका आखिरी ईरान और भारत की मुलाकात से इतना डरा हुआ क्यों है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की मुलाकात अमेरिका को पसंद नहीं आई है। हाल ही में SCO समिट के दौरान हुई इस बैठक के बाद अमेरिका ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों को धमकाने की कोशिश की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को एक बयान में कहा है कि अगर भी कोई देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने या कमाई के नए रास्ते बनाने में मदद करता है, तो अमेरिका उस देश पर भी प्रतिबंध लगा देगा।
अमेरिकी टीवी शो द ब्रायन किल्मीड शो में मार्को रुबियो ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई नया व्यापार समझौता हो रहा है। रुबियो ने इस दौरान माना कि भारत एक संप्रभु देश है और उसे अपनी विदेश नीति तय करने और ईरान के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखने का अधिकार है, लेकिन ईरान को मदद पहुंचाने की कोशिश न की जाए।
'अगर कोई देश ऐसा करता है तो…'
रुबियो ने कहा, "भारत अपनी विदेश नीति खुद तय करता है। लेकिन हमारी चिंता यह है कि कोई भी देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद न करे। कोई भी देश ईरान को ऐसे रास्ते बनाने में मदद नहीं करे, जिनसे वह पैसा कमा सके और इसका इस्तेमाल कर वह आतंकवाद को बढ़ावा दे और परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करें।" रुबियो ने आगे चेतावनी देते हुए कहा, “अगर कोई देश ऐसा करता है, तो हमें उस पर भी प्रतिबंध लगाने पड़ेंगे।” बता दें कि इससे पहले अमेरिका यूक्रेन युद्ध में रूस की आर्थिक मदद का आरोप लगाकर भारत पर मोटा टैरिफ लगा चुका है। अब एक बार फिर अमेरिका ने भारत को धमकाने की कोशिश की है।
मोदी और पेजेशकियन के बीच क्या हुई बातचीत?
इससे पहले SCO समिट से इतर बिश्केक में हुई मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत और ईरान के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच समुद्री व्यापार, नाविकों की सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही जैसे मुद्दों पर भी बात की थी।
प्रधानमंत्री ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था, ''बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात हुई। ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को अलग-अलग क्षेत्रों में और मजबूत करने के हमारे संकल्प को दोहराया।'' उन्होंने आगे कहा, ''हम आने वाले समय में द्विपक्षीय व्यापार के दायरे को विस्तारित करना और उसमें विविधता लाना चाहते हैं। हमने क्षेत्र के मौजूदा हालात पर चर्चा की। भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने के मकसद से की जा रही सभी कोशिशों का समर्थन करना जारी रखेगा।''


