मासूमों की मौत पर दहला मणिपुर! हाथों में मशालें लिए सड़कों पर उतरे हजारों लोग, तीखी झड़प
मणिपुर के इंफाल में 2 बच्चों की मौत के विरोध में हजारों लोगों ने निषेधाज्ञा तोड़कर विशाल मशाल रैली निकाली। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए। जानें पूरी घटना का विस्तार।

मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में हुए बम हमले के विरोध में हजारों लोगों ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए एक विशाल मशाल रैली निकाली। इस बम विस्फोट में दो बच्चों की जान चली गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली।
रैली की शुरुआत और मुख्य मांगें
गुरुवार शाम करीब 7 बजे सिंगजामेई इलाके से हजारों की संख्या में लोगों ने हाथों में मशालें लेकर अपना मार्च शुरू किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी में हुए बम ब्लास्ट के दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
सुरक्षा बलों के साथ टकराव
अधिकारियों ने बताया कि रैली के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वहां तैनात जवानों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार भी किया। लगभग 2 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद यह रैली चिंगमथाक पहुंची, जो मुख्यमंत्री आवास, पुलिस मुख्यालय और लोक भवन से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है।
चूंकि इलाके में निषेधाज्ञा लागू थी, इसलिए वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को वापस लौटने के लिए कहा। हालांकि, भारी भीड़ के आगे सुरक्षा बल संख्या में काफी कम थे, जिसके चलते दोनों पक्षों में टकराव शुरू हो गया।
आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल
जैसे ही स्थिति तनावपूर्ण हुई, सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागे और लाठीचार्ज का सहारा लिया। इसके जवाब में कुछ युवाओं ने सुरक्षा बलों पर कथित तौर पर पथराव किया, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए।
कई लोग घायल
इस हिंसक झड़प में कई लोगों के घायल होने की खबर है। आंसू गैस के धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ और मामूली चोटों के चलते कम से कम पांच लोगों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों का बयान और कर्फ्यू की स्थिति
इस घटना पर एक अधिकारी ने बयान देते हुए कहा कि कुछ तत्व राज्य की मौजूदा स्थिति का फायदा उठाकर सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ अपना एजेंडा चलाने की कोशिश कर रहे हैं। आपको बता दें कि त्रोंग्लाओबी बम हमले के बाद भड़की हिंसा के मद्देनजर इलाके में पहले से ही सख्त पाबंदियां लागू हैं। शाम 5 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक लोगों के घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह से रोक (कर्फ्यू) जारी है।
मणिपुर में सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी में ‘शामिल’ होने के आरोप में दो लोग गिरफ्तार
इस बीच मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गोलीबारी की घटना में शामिल होने के आरोप में सुरक्षा बलों ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गोलीबारी की इस घटना में आरएएफ का एक जवान घायल हो गया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। दोनों आरोपियों को बुधवार को उस वक्त पकड़ा गया जब सुरक्षा बलों ने जिले में रेंगकाई इलाके में एक वाहन को रोका।
पुलिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ''आरोपी चुराचांदपुर जिले के सीलमत पुल पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर की गई गोलीबारी में शामिल थे जिसमें रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) का एक जवान गोली लगने से घायल हो गया था।'' गोलीबारी की घटना की जांच जारी है। मणिपुर में दो साल पहले जातीय हिंसा भड़कने के बाद से सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है। मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
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