मणिपुर में आपस में ही भिड़ गए दोनों डिप्टी सीएम, बीजेपी के ही नेताओं के बीच क्यों बढ़ी टेंशन?
राष्ट्रपति शासन हटने के बाद बनी नई सरकार में केंद्र ने तीनों प्रमुख समुदायों को संतुलित करने के लिए मैतेई नेता युमनाम खेमचंद सिंह को मुख्यमंत्री, जबकि कुकी समुदाय से नेमचा किपगेन और नागा समुदाय से लोसी दिखो को उप-मुख्यमंत्री बनाया था।

मणिपुर में मैतेई-कुकी संघर्ष के बीच अब नागा और कुकी समुदायों के बीच भी तनाव चरम पर पहुंच गया है। राज्य की कुकी उप-मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने अपने ही समकक्ष नागा उप-मुख्यमंत्री लोसी दिखो और आठ अन्य नागा विधायकों की तरफ से लगाए गए गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
किपगेन ने कहा कि उनके और उनके पति पर कुकी उग्रवादियों के साथ सांठगांठ के लगाए गए आरोप बिना जांचे-परखे और तथ्यहीन हैं, जो समुदायों के बीच पहले से ही नाजुक भरोसे को और नुकसान पहुंचा रहे हैं।
अमित शाह को पत्र और 'उप-मुख्यमंत्री' पद पर साजिश का शक
1 सितंबर को नागा उप-मुख्यमंत्री लोसी दिखो और 8 नागा विधायकों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर किपगेन और उनके पति थंगबोई (KNF प्रमुख) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। नागा विधायकों का आरोप था कि किपगेन कुकी उग्रवादी समूहों को शह दे रही हैं और फोन बंद करके नागा बंधकों की हत्या में परोक्ष रूप से शामिल रही हैं।
इस पर पलटवार करते हुए नेमचा किपगेन ने कहा, "मैं यह सोचने पर मजबूर हूं कि मेरे उप-मुख्यमंत्री बनने के बाद ही नागा और कुकी समुदायों के बीच तनाव इतनी तेजी से क्यों भड़का? पहले ऐसी घटनाओं में कभी इतने लोगों की जान नहीं गई। कुछ समूह शांतिपूर्ण कांगपोकपी जिले और मुझे निशाना बनाने के लिए हिंसा भड़का रहे हैं।"
दरअसल किपगेन के पति थंगबोई 'कुकी नेशनल फ्रंट' (KNF) के प्रमुख हैं, जो केंद्र के साथ सस्पेंसन ऑफ ऑपरेशंस समझौते के तहत आता है। किपगेन ने कहा कि SOO समूहों की गतिविधियों की निगरानी केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करती है।
फ्लाइट में थी जब अपहरण हुआ: किपगेन की सफाई
नागा विधायकों के उन आरोपों पर उप-मुख्यमंत्री ने सिलसिलेवार ढंग से जवाब दिया, जिनमें कहा गया था कि कुकी उग्रवादियों के नागा नागरिकों के अपहरण के दौरान किपगेन ने फोन बंद कर लिया था।
उन्होंने बताया कि 13 मई को जब तीन कुकी चर्च नेताओं की घात लगाकर हत्या कर दी गई थी, उस समय वह फ्लाइट में थीं। उतरने के बाद मिस्ड कॉल देखते ही उन्होंने तुरंत मुख्यमंत्री और नागरिक संगठनों (CSOs) से संपर्क किया। उनके निजी हस्तक्षेप से 15 मई को 18 नागा बंधकों को बिना शर्त सुरक्षित छुड़वाया गया।
उन्होंने 11 मार्च का उदाहरण देते हुए कहा कि दो कुकी नागरिकों की हत्या के बावजूद उनके प्रयासों से स्थानीय लोगों की ओर से रोके गए 21 तांगखुल नागा यात्रियों को सुरक्षित रिहा कराया गया था।
मणिपुर में सत्ता का जटिल समीकरण
राष्ट्रपति शासन हटने के बाद बनी नई सरकार में केंद्र ने तीनों प्रमुख समुदायों को संतुलित करने के लिए मैतेई नेता युमनाम खेमचंद सिंह को मुख्यमंत्री, जबकि कुकी समुदाय से नेमचा किपगेन और नागा समुदाय से लोसी दिखो को उप-मुख्यमंत्री बनाया था।
सुरक्षा कारणों से किपगेन ने दिल्ली से वर्चुअली शपथ ली थी और वह इंफाल जाने के बजाय कांगपोकपी से सरकार चला रही हैं।
फरवरी 2026 से शुरू हुए नए कुकी-नागा संघर्ष में अब तक दोनों पक्षों के 36 लोग (18 नागा और 18 कुकी) मारे जा चुके हैं। नागा विधायकों ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार ने किपगेन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वे मणिपुर सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेंगे, जिससे राज्य का राजनीतिक संकट और गहरा गया है।


