मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी पर उठा दिए सवाल, बताया ममता बनर्जी को INDIA चीफ
अय्यर ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा उस वक्त खोला, जब उन्होंने बीते रविवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की तारीफ की और उनके फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई, जिसके बाद कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी से उनका कोई संबंध नहीं है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर पार्टी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने रायबरेली सांसद राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन INDIA का नेतृत्व किसी अन्य नेता को देने की सलाह दी है। इसके लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नाम का सुझाव दिया है। हालांकि, कांग्रेस ने एक बार फिर अय्यर के बयान से दूरी बनाई है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अय्यर ने INDIA नेतृत्व का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी इस गठबंधन की नेता हैं। उनके साथ दो चार लोग और भी हैं, जो इस पद को हासिल कर सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि इस पद पर बने रहने की कोशिश करने के बजाए, जो छोटी पार्टियों की है। फिर चाहे स्टालिन हों, ममता दीदी हों, अखिलेश हों, तेजस्वी हों या कोई और। राहुल गांधी को उन्हें संभालने देना चाहिए।
कांग्रेस ने क्या कहा
चैनल से बातचीत में कांग्रेस के पश्चिम बंगाल महासचिव सुमन रॉय चौधरी ने कहा, 'हम शुरुआत से ही एक चीज साफ कर देना चाहते हैं कि लंबे समय से मणिशंकर अय्यर कांग्रेस पार्टी की गतिविधियों से नहीं जुड़े हैं। बंगाल की अब 5 राज्यसभा सीटें खाली हैं। क्या मणिशंकर के बयान की यही वजह है? हमें हैरानी होती है।'
उन्होंने कहा, 'मणिशंकर जी क्या आप जानते हैं कि ममता बनर्जी पर्दे के पीछे से भाजपा की कठपुतली की तरह काम करती हैं, जिसके खिलाफ INDIA गठबंधन लड़ रहा है। मुझे नहीं लगता कि पार्टी से दूर रहने के बाद आप कांग्रेस पार्टी के लिए कोई फैसला ले सकते हैं।'
राहुल गांधी पर दूसरी बार उठाया सवाल
अय्यर ने बुधवार को कहा कि वह ''गांधीवादी'', ''नेहरूवादी" और "राजीववादी" हैं लेकिन "राहुलवादी" नहीं हैं क्योंकि राहुल गांधी उनसे उम्र में बहुत छोटे हैं और राजनीतिक जीवन में भी उनसे बहुत दूर हैं।
अय्यर ने कहा कि उन्होंने खुद को 'इंदिरावादी' नहीं कहा क्योंकि वह इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा करके "हमारे लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने" के कदम से "पूरी तरह असहमत" थे, भले ही यह आपातकाल केवल 18 महीनों के लिए ही क्यों न रहा हो।
हाल ही में राहुल गांधी पर की गई उनकी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर अय्यर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''कोई मुझसे 'राहुलियन' (राहुलवादी) होने की उम्मीद कैसे कर सकता है, जब वह मुझसे लगभग 30 साल छोटे हैं और मुझे उसके साथ काम करने का मौका नहीं मिला है?"
पहले भी केरल में कर दी थी कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी
अय्यर ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा उस वक्त खोला, जब उन्होंने बीते रविवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की तारीफ की और उनके फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई, जिसके बाद कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी से उनका कोई संबंध नहीं है।
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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