हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या का आरोपी दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार, बांग्लादेश वापस भेजा गया

Feb 19, 2026 09:05 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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आपको बता दें कि 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में मचे भारी उथल-पुथल के दौरान सब-इंस्पेक्टर (SI) संतोष शर्मा की बनियाचंग पुलिस स्टेशन में हत्या कर दी गई थी।

हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या का आरोपी दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार, बांग्लादेश वापस भेजा गया

बांग्लादेश में एक हिंदू पुलिस अधिकारी की बर्बर हत्या के मुख्य आरोपी को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी दिल्ली हवाई अड्डे से कथित तौर पर यूरोप भागने की फिराक में था। उसे इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने रोक लिया। आरोपी की पहचान अहमद रजा हसन मेहदी के रूप में हुई है। अधिकारियों ने उसे देश छोड़ने की कोशिश करते समय हवाई अड्डे पर रोका और बाद में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे वापस बांग्लादेश निर्वासित कर दिया गया।

आरोपी मेहदी ने 2024 में हिंदू पुलिस अधिकारी संतोष शर्मा की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसमें वह बांग्लादेश के एक पुलिस स्टेशन के अंदर बैठकर हत्या की बात कबूल करता हुआ नजर आ रहा था। सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारियों को मेहदी के दिल्ली पहुंचने की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर उसे यूरोप की उड़ान में सवार होने से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया गया।

आपको बता दें कि 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में मचे भारी उथल-पुथल के दौरान सब-इंस्पेक्टर (SI) संतोष शर्मा की बनियाचंग पुलिस स्टेशन में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद उनके शव को एक पेड़ से लटका दिया गया था। यह घटना तब हुई जब छात्र प्रदर्शन जल्द ही हिंसा में बदल गए थे और विशेष रूप से अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया था। उस दौरान हिंदुओं पर हमले हुए थे और उनके पूजा स्थलों में तोड़फोड़ की गई थी।

गौरतलब है कि बांग्लादेश में यह अशांति छात्रों के नेतृत्व वाले उन विरोध प्रदर्शनों के साथ शुरू हुई थी, जो देश की विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ थे। इस प्रणाली के तहत 1971 के मुक्ति संग्राम में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण था। यह विरोध प्रदर्शन जो पूरे बांग्लादेश के शैक्षणिक संस्थानों में फैल गया था। अंततः अवामी लीग सरकार के तख्तापलट के साथ समाप्त हुआ।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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