ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार का ऐलान, ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए सम्मान

Mar 16, 2026 03:47 pm ISTDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान
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हिंदी की वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया को साल 2025 का साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। ममता कालिया को यह पुरस्कार उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए दिया गया है।

ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार का ऐलान, ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए सम्मान

हिंदी की वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया को साल 2025 का साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। ममता कालिया को यह पुरस्कार उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए दिया गया है। साहित्य अकादमी की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त 24 भारतीय भाषाओं में वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कार दिए जाएंगे। इन पुरस्कारों में आठ कविता संग्रह, चार उपन्यास, छह कहानी संग्रह, दो निबंध, एक साहित्यिक आलोचना, एक आत्मकथा और दो संस्मरण पुस्तकें शामिल हैं। विज्ञप्ति में आगे बताया गया है कि साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 की प्रक्रिया जनवरी 2025 में शुरू हुई और 30 जनवरी 2025 को एक विज्ञापन जारी किया गया।

ममता कालिया की प्रतिक्रिया
साहित्य अकादमी पुरस्कार की घोषणा के बाद लेखिका ममता कालिया ने फेसबुक पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि दोस्तो धन्यवाद,शुक्रिया। ऐसा बहुत कम होता है कि हमारे फोन पर ट्रैफिक जाम हो। माफी। आपका प्यार अब प्यार देने से ही पूर्ण होगा। ममता कालिया ने आगे लिखा है कि आप सब की दुआएं मुझे अगली किताब लिखने के लिए उकसाती हैं। साहित्य अकादमी से पुरस्कृत लेखकों के लिए 31 मार्च 2026 को नई दिल्ली में एक भव्य समारोह का आयोजन होगा। इस दौरान एक उत्कीर्ण ताम्रफलक, शॉल और एक लाख रुपए की राशि पुरस्कृत लेखकों को दी जाएगी।

जीते जी इलाहाबाद किताब में क्या
जीते जी इलाहाबाद किताब ममता कालिया का संस्मरण है। इसमें लेखिका ने इलाहाबाद में बिताए गए अपने शुरुआती दिनों को याद किया है। इस किताब में उन्होंने अपने रानीमंडी के मकान, लोकनाथ के स्वाद और चौक समेत पुराने शहर के बारे में अलग-अलग अंदाज में लिखा है। इसके अलावा ममता कालिया ने उस दौर के लेखकों और उनके तौर-तरीकों को भी अपनी किताब में विस्तार दिया है।

एक दिलचस्प किस्सा
जीते जी इलाहाबाद किताब में ममता कालिया ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। वह लिखती हैं, हिन्दुस्तानी अकादमी की एक गोष्ठी में मार्कण्डेय काटजू अध्यक्षता कर रहे थे। वे जाने-माने न्यायमूर्ति थे और शहर में उनका दबदबा था। अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने कहा, ‘वैसे देखा जाए तो प्रेमचंद इतने बड़े कथाकार नहीं थे कि...’ भैरव जी हॉल में चिंघाड़े, ‘आप प्रेमचंद के बारे में क्या जानते हो, क्या समझते हो। किसने आपको जज बना दिया। भागो यहां से।’ भैरव जी उन्हें मंच से धकेलने के लिए लपके तो मार्कण्डेय काटजू तपाक से कूदकर मंच से उतरे और नंगे पैरों बाहर भागे। उनका अर्दली जूते उठाकर पीछे-पीछे दौड़ा। भैरव जी के रौद्र रूप के आगे सब सहम गए।

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लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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