
अगली बार CM नहीं बन पाएंगी ममता, TMC से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर बोले
Humayun Kabir: विधायक कबीर ने पहले ऐलान किया था, 'हम 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलदांगा में 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे।' इससे पहले उन्होंने कहा था, 'इसे पूरा होने में 3 साल का समय लगेगा। उस कार्यक्रम में कई मुस्लिम नेता शामिल होंगे।'
पश्चिम बंगाल में बाबरी जैसी मस्जिद बनाने का ऐलान कर चुके विधायक हुमायूं कबीर के निशाने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। उन्होंने दावा किया है कि अगले विधानसभा चुनाव के बाद बनर्जी सीएम नहीं बन पाएंगी। मस्जिद की नींव रखने के ऐलान के बाद राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया था। अब कबीर ने खुद की पार्टी बनाने के संकेत दिए हैं।
गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कबीर ने कहा, 'मुख्यमंत्री को पूर्व मुख्यमंत्री बनना है। 2026 में मुख्यमंत्री फिर मुख्यमंत्री नहीं रहेंगी। वह शपथ नहीं लेंगी और पूर्व मुख्यमंत्री कहलाएंगी।' उन्होंने शुक्रवार को टीएमसी से इस्तीफा देने की बात कही है। कबीर ने दावा किया था कि वह 6 दिसंबर को बाबरी से मिलती जुलती मस्जिद की नींव रखेंगे। बंगाल में साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
नई पार्टी बनाने की तैयारी
गुरुवार को ही कबीर ने कहा था, 'मैं कल टीएमसी से इस्तीफा दे दूंगा। अगर जरूरत पड़ी तो मैं 22 दिसंबर को नई पार्टी की घोषणा करूंगा।' उन्होंने पार्टी के जिला अध्यक्ष के साथ बैठक को लेकर कहा, 'मैं यहां जिला अध्यक्ष के साथ मीटिंग के लिए आया हूं और प्रतिक्रिया बाद में दूंगा। लेकिन मुझे पार्टी से निलंबित किया है, विधायक पद से नहीं। पहले मीटिंग होने दीजिए।'
बाबरी जैसी मस्जिद बनाने का ऐलान
विधायक कबीर ने पहले ऐलान किया था, 'हम 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलदांगा में 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे।' इससे पहले उन्होंने कहा था, 'इसे पूरा होने में 3 साल का समय लगेगा। उस कार्यक्रम में कई मुस्लिम नेता शामिल होंगे।'
रैली में थे और पार्टी ने निलंबित कर दिया
निलंबन की खबर तब सामने आई जब कबीर बहरामपुर में मुख्यमंत्री की एसआईआर विरोधी रैली के आयोजन स्थल पर बैठे थे, जहां तृणमूल ने उन्हें पहले आमंत्रित किया था। कबीर ने इसे 'जानबूझकर किया गया अपमान' बताया और कहा कि उनके खिलाफ 'साजिश' रची गई है। उन्होंने कहा, 'मुझे कोई पत्र नहीं मिला है। लेकिन मैं शुक्रवार या सोमवार को विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा।'
कबीर ने कहा कि उनका नया संगठन अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कुल 294 में से 135 सीट पर उम्मीदवार उतारेगा। सत्तारूढ़ पार्टी में लौटने से पहले कभी कांग्रेस, कभी तृणमूल और कभी भाजपा में रहे कबीर ने कहा कि बेलडांगा में छह दिसंबर का शिलान्यास कार्यक्रम रद्द नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी के लहजे में कहा, '(शिलान्यास कार्यक्रम में) लाखों लोग शामिल होंगे। अगर प्रशासन हमें रोकने की कोशिश करेगा, तो एनएच-12 जाम किया जा सकता है।' उन्होंने कहा कि उन्हें चुप कराने के लिए उनकी हत्या भी की जा सकती है। कबीर ने कहा कि अगर उन्हें रोका गया, तो वह धरने पर बैठेंगे और 'गिरफ्तारी देंगे'। उन्होंने कहा कि उन्हें 'न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।' अधिकारियों ने कहा कि कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है।
ममता बनर्जी हुईं नाराज?
एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि विधायक कबीर के फैसले से सीएम बनर्जी नाराज हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि सीएम और उनकी पार्टी इस फैसले के साथ नहीं हैं और यह संदेश विधायक को पहुंचा दिया गया है। एक दिन पहले भी टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी भी इस फैसले से दूरी बनाते हुए नजर आए थे।





