ममता बनर्जी मान लें कि हमसे अलग होकर गलती की थी, कांग्रेस ने रख दी मांग

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस लगातार टूट का सामना कर रही है। पार्टी विधायकों से लेकर सांसदों तक दोनों ही जगह से टूट चुकी है। ऐसे में कांग्रेस ने उनके सामने एक मांग रख दी है।

Mamata Banerjee

कांग्रेस की पश्चिम बंगाल यूनिट ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मांग की है कि वह पार्टी से अलग होने की गलती को स्वीकार कर लें। साथ ही कांग्रेस ने उन्हें 21 जुलाई को कोलकाता में होने वाले शहीद दिवस कार्यक्रम का भी न्योता दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है, जब तृणमूल कांग्रेस टूट का सामना कर रही है और बनर्जी के सामने पार्टी का नाम और निशान बचाने की चुनौती है।

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रमुख शुभांकर सरकार ने बनर्जी को कार्यक्रम का न्योता दिया है। उन्होंने कहा, 'अगर वह सबके सामने यह मानती हैं कि कांग्रेस छोड़ना एक गलती थी और 21 जुलाई के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद मीनार के मंच पर आती हैं, तो यह राजनीतिक प्रायश्चित का एक अहम कदम होगा।'

उन्होंने कहा, 'इससे कम से कम यह तो दिखेगा कि वह अतीत की कुछ गलतियों को सुधारने की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस का मंच सभी के लिए खुला है और वह आकर सम्मान व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं।'

एक चुनौती भी दे दी

शुभांकर ने कहा है कि ममता बनर्जी को 21 जुलाई 1993 का ऐतिहासिक महत्व समझना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर ममता बनर्जी में सचमुच हिम्मत है, तो उन्हें इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं करना चाहिए। उन्हें यह मानना ​​चाहिए कि उन्होंने अतीत में एक गलत राजनीतिक फैसला लिया था। शहीद मीनार पर हमारे कार्यक्रम में आकर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए उनका स्वागत है।'

उन्होंने कहा, '21 जुलाई 1993 का आंदोलन यूथ कांग्रेस के झंडे तले हुआ था। यह इतिहास का हिस्सा है और इससे इनकार करने की कोई गुंजाइश नहीं है। जो राजनीतिक नेता अपने राजनीतिक अतीत का सम्मान करता है, उसे ज्यादा सम्मान मिलता है।'

क्या हुआ था 21 जुलाई 1993 को

साल 1993 में 21 जुलाई को यूथ कांग्रेस की रैली में पुलिस फायरिंग में कथित तौर पर 13 लोगों की मौत हो गई थी। खास बात है कि इस रैली की अगुवाई बनर्जी कर रहीं थीं। उन्होंने दिसंबर 1997 में कांग्रेस का साथ छोड़कर तृणमूल कांग्रेस बनाई थी। तब से ही पार्टी इस दिन बड़ी रैलियां करती है। जबकि, कांग्रेस भी इस दौरान कुछ कार्यक्रम करती रही।

ममता बनर्जी गुट को नहीं मिली अनुमति

ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला तृणमूल का बागी गुट एस्प्लेनेड में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास शहीद दिवस कार्यक्रम का आयोजन करेगा। दूसरी ओर, पुलिस ने ममता के नेतृत्व वाले गुट को विक्टोरिया हाउस के सामने कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं दी है, जहां यह कार्यक्रम पारंपरिक रूप से आयोजित किया जाता रहा है। यह मामला अब अदालत में लंबित है।

ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले तृणमूल कांग्रेस के खेमे ने सोमवार को कहा कि यदि ममता बनर्जी मार्गदर्शक के रूप में आना चाहें तो वह 21 जुलाई को होने वाली शहीद दिवस रैली में शामिल हो सकती हैं। हालांकि, गुट ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें औपचारिक रूप से आमंत्रित करने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।