'कुछ ही दिनों में जाने वाली है केंद्र की भाजपा सरकार', ममता बनर्जी को किस बात से जगी उम्मीद?
पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP से करारी हार के बाद TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने दिल्ली से भाजपा को हटाने का दावा किया है। वहीं, चुनाव बाद हिंसा को लेकर ममता वकील की ड्रेस में हाईकोर्ट पहुंचीं। पढ़ें पूरी खबर।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हार का सामना करने के बाद, तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। 19 मई 2026 को कालीघाट स्थित अपने आवास पर टीएमसी विधायकों की एक बैठक को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बड़ा दावा किया कि, "आने वाले दिनों में दिल्ली से भाजपा सरकार को सत्ता से हटा दिया जाएगा।" गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के हालिया विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत दर्ज की है, जिसके साथ ही राज्य में पिछले 15 सालों से चला आ रहा तृणमूल कांग्रेस (TMC) का शासन खत्म हो गया है। इस हार के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा के खिलाफ उनकी लड़ाई रुकेगी नहीं। इसके साथ ही, राज्य में चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा को लेकर टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
ममता और अभिषेक बनर्जी के तीखे तेवर
कालीघाट में अपनी पार्टी के विधायकों के साथ हुई एक बैठक में टीएमसी नेतृत्व ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। ममता बनर्जी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि आने वाले समय में भाजपा को दिल्ली (केंद्र सरकार) की सत्ता से भी हटा दिया जाएगा। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि राज्य में चुनाव के बाद से अल्पसंख्यक समुदायों और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले हॉकर्स को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पोस्ट-पोल हिंसा के नाम पर हॉकर्स की दुकानों पर 'बुलडोजर' चलाए जा रहे हैं।
टीएमसी चीफ ने दावा किया कि वर्तमान सरकार देश के संवैधानिक आदर्शों और मूल्यों के साथ छेड़छाड़ कर रही है। उनका मानना है कि इस तरह की कथित 'तानाशाही' और 'बुलडोजर संस्कृति' के कारण जनता में रोष बढ़ेगा और वे जल्द ही केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार को सत्ता से बाहर कर देंगे। टीएमसी ने 21 मई 2026 से हॉकर्स को जबरन हटाए जाने और भाजपा की 'बुलडोजर संस्कृति' के खिलाफ कोलकाता (बालीगंज, हावड़ा जंक्शन और सियालदह रेलवे स्टेशन के आसपास) में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है। उन्हें उम्मीद है कि इस तरह के जन-आंदोलन भाजपा के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी माहौल तैयार करेंगे।
टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, "हमारे राज्य ने कई मुख्यमंत्री देखे हैं, लेकिन मौजूदा सीएम जैसा कोई नहीं। जिस व्यक्ति को कैमरे पर पैसे लेते देखा गया था, उसे ही मुख्यमंत्री बना दिया गया है।" अभिषेक ने साफ किया कि चाहे जो हो जाए, वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, "उन्हें जो करना है करने दीजिए... चाहे मेरा घर गिरा दें, मुझे नोटिस भेजें... मैं इन चीजों के आगे झुकने वाला नहीं हूं। भाजपा के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी।"
चुनाव के बाद हिंसा और हाईकोर्ट में याचिका
चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य के कई हिस्सों में हिंसा, आगजनी और झड़प की खबरें आई हैं। इस मामले में टीएमसी ने कानूनी रास्ता अपनाया है। टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल के समक्ष एक याचिका दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि चुनाव परिणामों के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं और उनके कार्यालयों को निशाना बनाकर हमले किए जा रहे हैं।
ममता बनर्जी की कोर्ट में पेशी
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 14 मई को ममता बनर्जी खुद वकील की पोशाक (वकील का गाउन) पहनकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं और चीफ जस्टिस की अदालत में पेश हुईं थीं। पार्टी का कहना है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में उनके कई कार्यकर्ताओं की जान गई है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि पीड़ित कार्यकर्ताओं को तुरंत सुरक्षा दी जाए और इस पूरी हिंसा की कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच हो।
राज्य में फिलहाल क्या स्थिति है?
कोलकाता, हावड़ा और राज्य के अन्य कई जिलों से लगातार झड़प और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। इस हिंसा को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गरमाया हुआ है और भाजपा तथा टीएमसी दोनों ही पार्टियां इन घटनाओं के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रही हैं।
विधानसभा चुनाव के नतीजे
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 207 सीटें जीती हैं और राज्य में अपनी सरकार बनाई है। इसके उलट, सत्ताधारी टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट गई, जिससे उनका 15 साल का राज समाप्त हो गया।
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