
TMC का आज हल्लाबोल; ED की रेड के फिलाफ सड़क पर उतरेंगी ममता बनर्जी, निकालेंगी विशाल रैली
ममता बनर्जी ने कहा कि मेरे आईटी सेल के प्रभारी जैन के आवास और कार्यालयों पर छापेमारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है। वह कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा के जैन के आवास पहुंचने के बाद दोपहर में वहां पहुंच गईं।
राजनीतिक सलाहकार फर्म आई-पैक (I-PAC) की कोलकाता स्थित ऑफिस और आवास पर ईडी की छापेमारी से माहौल गरमा गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार को विरोध रैली का नेतृत्व करने वाली हैं। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने केंद्रीय जांच एजेंसी की तलाशी के खिलाफ यह रैली निकालने की घोषणा की थी, जिसे उन्होंने अपनी पार्टी के दस्तावेजों को लूटने की कोशिश करार दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, ममता बनर्जी जादवपुर 8बी बस स्टैंड से हाजरा क्रॉसिंग तक विरोध रैली निकालेंगी। उन्होंने लोगों से 5 किलोमीटर से अधिक लंबी इस रैली में भाग लेने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को ईडी की छापेमारी के बीच आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर पहुंच गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और उसकी चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डाटा को जब्त करने का प्रयास कर रही थी। बनर्जी ने कहा कि ‘मेरे आईटी सेल के प्रभारी जैन के आवास और कार्यालयों पर छापेमारी राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक है।' बनर्जी कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा के जैन के आवास पहुंचने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर के आसपास वहां पहुंचीं। वह लगभग 20-25 मिनट तक वहां रहीं और फिर हाथ में हरे रंग का एक फोल्डर लेकर बाहर निकलीं।
ममता ने कार्रवाई को बदले की राजनीति कहा
तृणमूल कांग्रेस के लिए राजनीतिक परामर्श के अलावा, आई-पैक पार्टी के आईटी और मीडिया संचालन का भी प्रबंधन करती है। भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को बदले की राजनीति बताया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्षी दलों को डराने-धमकाने के लिए संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने कहा, ‘यह कानून का पालन नहीं है। यही तरीका है उन सबसे सख्त गृह मंत्री के काम करने का, जिन पर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी है? मुझे खेद है, अमित शाह जी, प्रधानमंत्री को अपने गृह मंत्री पर नियंत्रण रखना चाहिए।’
एजेंसियों के कामकाज में हस्तक्षेप का आरोप
यह घटना 2019 में हुए उस नाटकीय घटनाक्रम की याद दिलाती है, जब CBI ने तत्कालीन पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के बंगले की तलाशी ली थी, जिसके बाद बनर्जी मौके पर पहुंचीं और बाद में मध्य कोलकाता में धरना दिया। इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पर संवैधानिक एजेंसियों के कामकाज में बार-बार हस्तक्षेप करने और जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया। अधिकारी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री और कोलकाता के पुलिस आयुक्त का दौरा अनैतिक, असंवैधानिक और केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप था।’ उन्होंने सवाल किया कि तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेज कथित तौर पर एक निजी परामर्श फर्म के पास क्यों थे? ईडी ने इस अभियान के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।





