बंगाल हार के बाद ममता बनर्जी को बड़ा झटका, सांसद काकोली घोष ने TMC के सभी पदों से दिया इस्तीफा
एक समय ममता बनर्जी की करीबी रहीं और टीएमसी सांसद काकोली घोष ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इस तरह बंगाल हार के बाद ममता को एक और बड़ा झटका लगा है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। बुधवार को बनर्जी को तब बड़ा झटका लगा, जब एक समय उनकी करीबी मानी जाने वाली और टीएमसी सांसद काकोली घोष ने इस्तीफा देने का ऐलान किया। काकोली ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।
काकोली पिछले कई दशकों से टीएमसी से जुड़ी हुई हैं और पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं। वह लगभग 9-10 महीने तक लोकसभा में पार्टी की चीफ व्हिप थीं। इसके बाद, पिछले दिनों उन्हें हटाकर उनकी जगह कल्याण बनर्जी को ममता बनर्जी ने चीफ व्हिप की जिम्मेदारी दे दी थी। इससे घोष काफी नाराज भी हुईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था- "1976 से जुड़ाव, 1984 में सफर शुरू हुआ। आज मुझे चार दशकों की वफ़ादारी का इनाम मिला है।"
इसके बाद से ही माना जा रहा था कि वह जल्द टीएमसी से इस्तीफा दे सकती हैं। केंद्र सरकार ने भी उनकी सिक्योरिटी को बढ़ाकर वाई कैटेगरी कर दिया था, जबकि बंगाल हार के बाद अभिषेक बनर्जी समेत तमाम नेताओं की सुरक्षा में कटौती की गई। काकोली घोष छह अन्य विधायकों के साथ मंगलवार को कल्याणी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल हुई थीं।
बारासात की सांसद के अलावा, बैठक में शामिल होने वालों में टीएमसी विधायक देगंगा से अनीसुर रहमान बिस्वास, स्वरूपनगर से बीना मंडल, हारोआ से मोहम्मद अब्दुल मतीन और बसीरहाट क्षेत्र के तीन अन्य विधायक शामिल थे। वहीं, दो दिन पहले ही, काकोली ने टीएमसी के बारासात संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने पत्र में उन्होंने आईपैक पर भी सवाल उठाए थे।
भाजपा सांसद का दावा, TMC के 20 सांसद छोड़ सकते हैं पार्टी
विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद टीएमसी में उथल-पुथल मच गई है। कई सांसद और विधायक नाराज बताए जा रहे हैं। भाजपा सांसद सौमित्र खान ने बुधवार को बड़ा दावा किया और कहा कि करीब 50 विधायक और 20 सांसद टीएमसी के ऐसे हैं, जोकि पार्टी से नाखुश हैं और अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व हरी झंडी देता है तो वे पार्टी बदल देंगे। उन्होंने कहा, ''अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व एक बार भी हां करता है तो टीएमसी पार्टी नहीं बचेगी। सभी लोग आना चाहते हैं। करीब 50 विधायक और 20 सांसद नाराज हैं और भाजपा में शामिल होना चाहते हैं।''
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
मीडिया में अवॉर्ड्स.
मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।
विशेषज्ञता
देश-विदेश की राजनीति पर गहरी पकड़
यूपी-बिहार समेत सभी राज्यों की खबरों को कवर करने का व्यापक अनुभव
विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, संसद की कार्यवाही को लंबे समय से कवर किया
ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज, एनालिसिस स्टोरीज, एशिया, मिडिल ईस्ट, पश्चिमी देशों की खबरों को कवर करने का एक दशक से ज्यादा का एक्सपीरियंस


