विधायकों की बगावत के बीच ममता बनर्जी की आनन-फानन में बैठक, लिए 5 बड़े फैसले

Niteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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पार्टी सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी ने पिछले दो दिनों में हावड़ा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर के कई विधायकों से बात की है, जिनमें से कई को रीताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी खेमे की बैठकों में भाग लेते देखा गया था। 

विधायकों की बगावत के बीच ममता बनर्जी की आनन-फानन में बैठक, लिए 5 बड़े फैसले

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के 28 साल के इतिहास में पहली बार हुए विभाजन के बाद पार्टी से और अधिक विधायकों के पाला बदलने को रोकने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। वह व्यक्तिगत रूप से बागी विधायकों से संपर्क साध रही हैं, जबकि वरिष्ठ नेता अन्य विधायकों को एकजुट रखने के लिए काम कर रहे हैं। इस बीच, शुक्रवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक हुई। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने इसमें लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

विधायकों की बगावत के बीच ममता बनर्जी की आनन-फानन में बुलाई गई बैठक में पांच बड़े फैसले लिए गए...

1. अभिषेक बनर्जी TMC के राष्ट्रीय महासचिव हैं, उनकी सहायता के लिए डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन को राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त सचिव बनाया जाएगा।

2. विभिन्न राज्यों में राज्य स्तर से सुझाव मिलने के बाद वहां कमेटियां गठित की जाएंगी।

3. टीएमसी के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष सुब्रत बक्शी बीमार हैं। इसलिए चंद्रिमा भट्टाचार्य उन्हें रिप्लेस करेंगी। सजदा अहमद, नयना बंद्योपाध्याय और कुछ अन्य उपाध्यक्ष होंगे।

4. सायोनी घोष युवा टीएमसी की अध्यक्ष, माला रॉय अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और प्रियंका अधिकारी टीएमसी छात्र विंग की अध्यक्ष हैं।

5. डेरेक ओ ब्रायन और कल्याण बनर्जी राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, जबकि कुणाल घोष राज्य प्रवक्ता हैं।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी ने पिछले दो दिनों में हावड़ा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर के कई विधायकों से बात की है, जिनमें से कई को रीताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी खेमे की बैठकों में भाग लेते देखा गया था। तृणमूल के 58 विधायकों ने पार्टी विधायक दल पर नियंत्रण कर लिया और निष्कासित विधायक रीताब्रता बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना।

पार्टी को एकजुट रखने के प्रयास ऐसे समय में किए जा रहे हैं, जब तृणमूल की संस्थापक खुद को एक ऐसी असहज स्थिति में पाती हैं, जहां उन्हें उन नेताओं को बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिन्हें उन्होंने कभी खुद चुना था और राजनीतिक रूप से मजबूत किया था।

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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