TMC पर मंडराते संकट के बीच ममता बनर्जी की भी बढ़ीं मुश्किलें, थाने में दर्ज हुई FIR

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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TMC संकट के बीच ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता सेंट्रल डिवीजन के हेयर स्ट्रीट पुलिस थाने में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। इससे ममता की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

TMC पर मंडराते संकट के बीच ममता बनर्जी की भी बढ़ीं मुश्किलें, थाने में दर्ज हुई FIR

Mamata Banerjee FIR: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट के मंडराते संकट के बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के सिलसिले में एक राजनीतिक रैली के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान देने के मामले में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह FIR कोलकाता सेंट्रल डिवीजन के हेयर स्ट्रीट पुलिस थाने में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है।

बंगाल में पिछले महीने आए चुनावों के नतीजों के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में फूट पड़ गई। सिर्फ 80 सीटें जीतने वाली टीएमसी में विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी ने बगावत कर दी और 64 विधायक उनके साथ हो गए। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा में बगावत शुरू हुई। सायोनी घोष, यूसुफ पठान समेत करीब 20 सांसदों ने अलग गुट बनाने के लिए पत्र पर साइन कर दिए। वहीं, राज्यसभा से भी टीएमसी की सुष्मिता देव समेत कई सांसदों ने इस्तीफा दे दिया। इससे ममता बनर्जी की पार्टी पर पकड़ कमजोर होने लगी है।

इससे पहले, गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विधायक ऋतब्रत बनर्जी को सदन में नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने के फैसले को चुनौती देते हुए, तृणमूल कांग्रेस नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कलकत्ता हाई कोर्ट से कहा कि यह कदम संविधान के मूल ढांचे पर चोट करता है। चट्टोपाध्याय की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने न्यायमूर्ति कृष्णा राव के सामने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभाध्यक्ष को चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने के पार्टी के फैसले के बारे में जानकारी दे दी थी। उन्होंने दलील दी कि ऐसा फैसला लेने का अधिकार विधायक दल नहीं, बल्कि राजनीतिक दल को है और विधानसभाध्यक्ष राजनीतिक दल द्वारा किए गए चयन को स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं। बनर्जी ने अदालत में कहा, ''विधानसभाध्यक्ष का कदम संविधान के मूल ढांचे पर चोट करता है।''

अभिषेक बनर्जी से भी CID ने की पूछताछ, फिर बुलाया

वहीं, पश्चिम बंगाल सीआईडी ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी को कथित जाली हस्ताक्षर मामले में पूछताछ के दूसरे दौर के लिए 14 जून को पेश होने का नया समन जारी किया। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। माना जाता है कि यह कदम इसलिए उठाया गया, क्योंकि जांच अधिकारियों को एक दिन पहले विभाग मुख्यालय में हुई पूछताछ के दौरान तृणमूल महासचिव के जवाब संतोषजनक नहीं लगे। अधिकारी ने दावा किया कि विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए विवादित प्रस्ताव से जुड़े कई सवालों के जवाब में बनर्जी ने कहा मुझे नहीं पता और कुछ मौकों पर वह कथित तौर पर आपा खो बैठे।

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Madan Tiwari

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Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
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वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

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