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सुप्रीम कोर्ट में दलीलें रखने को ममता बनर्जी ने की पांच मिनट की मांग, CJI बोले- 5 नहीं, 15 मिनट देंगे

सुप्रीम कोर्ट में दलीलें रखने को ममता बनर्जी ने की पांच मिनट की मांग, CJI बोले- 5 नहीं, 15 मिनट देंगे

संक्षेप:

शुरुआत में, ममता बनर्जी ने पांच मिनट तक बहस करने की अनुमति मांगी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने जवाब में कहा कि अदालत उन्हें अपनी बात रखने के लिए पांच मिनट नहीं बल्कि 15 मिनट का समय देगी।

Feb 04, 2026 10:44 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की जारी कवायद में बुधवार को हस्तक्षेप करने का आग्रह किया ताकि लोकतंत्र की रक्षा की जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को निशाना बनाया जा रहा है और इसके लोगों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने दलीलें पेश करने के लिए सीजेआई सूर्यकांत से पांच मिनट का समय मांगा, जिसके जवाब में सीजेआई ने कहा कि आपको पांच नहीं, 15 मिनट देंगे।

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ममता बनर्जी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में बहस करने वाली पहली मौजूदा मुख्यमंत्री बन गईं। उच्चतम न्यायालय ने बनर्जी की याचिका और किसी सेवारत मुख्यमंत्री द्वारा उसके समक्ष प्रस्तुत दलीलों पर गौर किया और कहा, ''पात्र व्यक्तियों को मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए।'' प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने उनकी याचिका पर निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को नोटिस जारी कर नौ फरवरी तक जवाब मांगा है।

प्रधान न्यायाधीश ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि बूथ स्तर के अधिकारियों और मतदाता सूची अधिकारियों को नाम की वर्तनी में विसंगतियों जैसी छोटी-मोटी गलतियों के आधार पर नोटिस जारी करते समय अधिक संवेदनशील रहें। मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग को 'व्हाट्सएप आयोग' कहा, जो स्पष्ट रूप से निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन अधिकारियों को व्हाट्सएप पर कथित रूप से भेजे जा रहे निर्देशों की ओर इशारा था। बनर्जी सुबह लगभग 10 बजे अपने वकीलों के साथ उच्चतम न्यायालय परिसर पहुंचीं, जिनमें तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी भी शामिल थे।

'पांच मिनट नहीं, 15 मिनट देंगे'

बनर्जी का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने किया। बनर्जी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ से व्यक्तिगत रूप से अपनी दलीलें पेश करने की अनुमति मांगी। शुरुआत में, बनर्जी ने पांच मिनट तक बहस करने की अनुमति मांगी। प्रधान न्यायाधीश ने जवाब में कहा कि अदालत उन्हें अपनी बात रखने के लिए पांच मिनट नहीं बल्कि 15 मिनट का समय देगी। बनर्जी ने कहा, ''समस्या यह है कि हमारे वकीलों ने शुरू से ही हमारा पक्ष रखा, लेकिन सब कुछ खत्म होने के बाद भी हमें न्याय नहीं मिल रहा...। हमें कहीं भी न्याय नहीं मिल रहा। मैं एक बंधुआ मजदूर हूं, महोदय... मैं एक साधारण परिवार से हूं और मैं किसी पार्टी के लिए नहीं लड़ रही हूं।''

'पश्चिम बंगाल को बनाया जा रहा निशाना'

बनर्जी ने आरोप लगाया, ''पश्चिम बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है।'' उन्होंने पूछा कि असम में यही मापदंड क्यों नहीं अपनाया जा रहा है। पीठ ने उनकी ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान के साथ-साथ खुद उन्हें (बनर्जी) भी दलील पेश करने की अनुमति दी थी। बनर्जी ने कहा, ''वे पश्चिम बंगाल को निशाना बनाकर वहां के लोगों के अधिकारों को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ''हमें कहीं न्याय नहीं मिल रहा है। मैंने निर्वाचन आयोग को छह पत्र लिखे हैं।'' सुनवाई के अंत में, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से बहस करने का मौका देने के लिए पीठ के प्रति आभार व्यक्त किया और उनसे 'लोकतंत्र को बचाने' का आग्रह किया।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।


यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं। मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत कई पुरस्कार जीते हैं।

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