बांग्लादेश में BNP की भारी जीत पर ममता बनर्जी ने ‘तारिक भाई’ को दी बधाई, क्या लिखा?
बांग्लादेश चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली बीएनपी को ममता बनर्जी ने बधाई संदेश दिया है। बीएनपी प्रमुख और बांग्लादेशी प्रधानमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहे तारिक रहमान को भी सीएम ममता ने भाई कहकर संबोधित किया है।

बांग्लादेश में शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद हुए पहले चुनाव में बीएनपी ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की है। प्रधानमंत्री मोदी समेत कई वैश्विक नेताओं ने इस जीत के लिए तारिक रहमान को बधाई दी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी शुक्रवार को हुए चुनावों में जीत के बाद प्रधानमंत्री बनने जा रहे बीएनपी चीफ तारिक रहमान को बधाई संदेश भेजा है।
तारिक रहमान को 'भाई' कहकर संबोधित करते हुए सीएम ममता ने अंग्रेजी और बांग्ला दोनों भाषाओं में बधाई दी। उन्होंने लिखा, "बांग्लादेश के सभी भाइयों और बहनों, सभी लोगों को मेरी हार्दिक बधाई, शुभोनंदन। आप सभी को रमजान की अग्रिम शुभकामनाएं।" उन्होंने आगे लिखा, "इस शानदार जीत के लिए मेरे तारिक-भाई, उनकी पार्टी और सभी पार्टियों को मेरी बधाई। प्रार्थना है कि आप सभी स्वस्थ और खुश रहें। कामना है कि बांग्लादेश के साथ हमारे संबंध हमेशा सौहार्दपूर्ण रहें।"
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के बधाई संदेश के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बीएनपी और तारिक रहमान को ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर बधाई संदेश पोस्ट करते हुए लिखा, "बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में बीएनपी को निर्णायक जीत दिलाने पर मैं तारिक रहमान को हार्दिक बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश की जनता के आपके नेतृत्व पर विश्वास को दर्शाती है। भारत लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के प्रति हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा। मैं आपके साथ मिलकर अपने बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं।"
गौरतलब है कि बीएनपी की यह जीत ऐसे समय में हुई है, जब दूसरी तरफ जमात ए इस्लामी पार्टी है। जमात शुरुआत से ही भारत विरोधी मानी जाती है। बीएनपी की इतिहास भी भारत के साथी के तौर पर नहीं रहा है, लेकिन फिर भी जमात की तुलना में वह एक बेहतर विकल्प है। शेख हसीना के सत्ता से जाने के बाद बांग्लादेश में भारत विरोधी नैरेटिव बहुत तेज गति से आगे बढ़ा था। इसके चलते बांग्लादेशी क्रिकेट टीम भी भारत खेलने नहीं आई।
मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की तरफ से भी लगातार भारत विरोधी काम किए जा रहे थे। वहां पर हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर भी भारत में काफी विरोध देखने को मिला था। पिछले 18 महीनों से दोनों देशों के संबंध लगातार खराब हो रहे थे। इसका सबसे बड़ा कारण शेख हसीना का भारत में होना था।
तारिक रहमान के सत्ता में आ जाने के बाद एक बार फिर से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों की चर्चा तेज होगी। क्योंकि तारिक रहमान की मां और पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री खालिदा जिया को शेख हसीना ने जेल में बंद करके रखा था। ऐसे में शेख हसीना की भारत में मौजूदगी रिश्तों में तल्खी का कारण बन सकती है। हालांकि, खालिदा जिया के निधन पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश की यात्रा करके तारिक रहमान से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी के बधाई संदेश पर भी बीएनपी का सकारात्मक रुख देखने को मिला है।

लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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