अभिषेक बनर्जी को एडमिट नहीं करना; ममता का आरोप- डॉक्टरों को धमका रही है भाजपा
Abhishek Banerjee: यह घटना तब हुई जब अभिषेक बनर्जी हालिया विधानसभा चुनावों में टीएमसी की हार के बाद हिंसा का शिकार हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मिलने दक्षिण 24 परगना पहुंचे थे।

Abhishek Banerjee: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण 24 परगना में पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राज्य की भाजपा सरकार उन डॉक्टरों और अस्पतालों पर दबाव बना रही है जो उनका इलाज कर रहे हैं। ममता ने आरोप लगाया कि अभिषेक को अस्पताल में भर्ती होने से रोकने की कोशिश की जा रही है। अभिषेक बनर्जी के इलाज का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि अगर उन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं थी, तो शुरुआत में उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में क्यों रखा गया?
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार ममता बनर्जी ने कहा, "अगर वास्तव में अस्पताल में भर्ती होने की कोई आवश्यकता नहीं थी तो उन्हें सबसे पहले आईटीयू (ITU) में क्यों ले जाया गया? उन्हें लगभग दो घंटे तक निगरानी में क्यों रखा गया और कई मेडिकल टेस्ट और स्कैन कराने की सलाह क्यों दी गई?"
"अस्पताल को आ रहे हैं धमकी भरे फोन"
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि हमले के बाद अभिषेक को चिकित्सा सहायता न मिलने देने के प्रयास किए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि सत्ता में बैठे लोग सभी अस्पतालों और बड़े अधिकारियों को धमका रहे हैं कि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। ममता बनर्जी ने आगे आरोप लगाया कि एक अस्पताल के प्रशासक ने खुद उन्हें बताया कि उन्हें पुलिस से धमकी भरे फोन आ रहे हैं।
उन्होंने कहा, "इस पूरे मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि एक घायल मरीज के इलाज को लेकर डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर दबाव डाला गया।" उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी मरीज को भर्ती करने, छुट्टी देने या उसके इलाज का फैसला केवल डॉक्टरों का होना चाहिए, किसी राजनीतिक दल का नहीं। ममता ने कहा कि अभिषेक रात करीब 8:15 बजे से लेकर रात लगभग 11 बजे तक डॉक्टरों की देखरेख में रहे, जिसके बाद उन्हें डिस्चार्ज किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को आई चोटों के बारे में कहा कि डॉक्टरों के बताया है कि उनके चेहरे, पीठ, छाती और गर्दन पर किसी धारदार वस्तु से चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने फ्रैक्चर, आंतरिक रक्तस्राव और अंदरूनी अंगों की किसी भी संभावित चोट का पता लगाने के लिए एक्स-रे और स्कैन की सलाह दी है। पथराव और हमले के कारण अभिषेक की छाती और पसलियों के हिस्से में चोटें आई हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि यह विस्तृत जांच इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अभिषेक को आंखों से जुड़ी एक पुरानी बीमारी है। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि पार्टी ने अब अभिषेक का इलाज उनके विश्वसनीय डॉक्टरों और पारिवारिक चिकित्सकों की देखरेख में ही जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अभिषेक के सिर पर क्रिकेट हेलमेट न होता तो इस हमले के नतीजे और भी गंभीर हो सकते थे।
कैसे हुआ अभिषेक बनर्जी पर हमला?
यह घटना तब हुई जब अभिषेक बनर्जी हालिया विधानसभा चुनावों में टीएमसी की हार के बाद हिंसा का शिकार हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मिलने दक्षिण 24 परगना पहुंचे थे। जब वह क्रिकेट हेलमेट पहनकर भीड़ के बीच से गुजर रहे थे तभी एक हिंसक भीड़ ने उन पर कथित तौर पर हमला कर दिया और उन पर पत्थर व अंडे फेंके। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सांसद और उनके सुरक्षाकर्मी हमलावरों से जूझते नजर आ रहे हैं, जो उन्हें धक्का दे रहे थे, घूंसे और थप्पड़ मार रहे थे।
इससे पहले दिन में अभिषेक बनर्जी ने खुद आरोप लगाया था कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले पर हमला किया और इसे जानलेवा हमला करार दिया। उन्होंने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने का संकल्प भी जताया है।
बीजेपी ने आरोपों को नकारा, विपक्ष ने जताई चिंता
भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और हमले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। ममता बनर्जी ने बताया कि इस घटना के बाद दलीय राजनीति से ऊपर उठकर कई बड़े नेताओं ने उनसे संपर्क कर चिंता जताई है। इनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल शामिल हैं।
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
और पढ़ें

