बंगाल में ममता बनर्जी को एक और झटका, पूर्व मंत्री भाई गिरफ्तार, फिल्म उद्योग पर है पकड़

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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को एक और झटका लगा है। पूर्व मंत्री अरुप बिस्वास के भाई स्वरूप बिस्वास को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया है। स्वरूप के ऊपर जबरन वसूली, धोखाधड़ी और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप हैं।

बंगाल में ममता बनर्जी को एक और झटका, पूर्व मंत्री भाई गिरफ्तार, फिल्म उद्योग पर है पकड़

पश्चिम बंगाल में सरकार जाने के बाद ममता बनर्जी को लगातार बिखराव का सामना करना पड़ रहा है। सबसे पहले उनकी सत्ता हाथ से छूटी और अब पार्टी भी टूटने की कगार पर है। 15 साल की सत्ता के दौरान ममता ने बंगाल के हर क्षेत्र पर जो पकड़ बनाई थी, वह भी अब छूटती नजर आ रही है। ताजा घटनाक्रम में ममता सरकार में मंत्री रहे अरुप बिस्वास के भाई स्वरूप बिस्वास को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। स्वरूप के ऊपर जबरन वसूली और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप हैं।

बता दें, स्वरूप बिस्वास की बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के ऊपर अच्छी खासी पकड़ है। वह पूर्वी भारत सिनेमा तकनीशियन एवं श्रमिक संघ (FCTWEI) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के गिरने के बाद स्वरूप के खिलाफ भी लोग खुलकर बोलने लगे थे। इसी क्रम में बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में मेकअप आर्टिस्ट का काम करने वाली सिमरन पॉल ने उनके ऊपर आरोप भाई भतीजावाद और जबरन वसूली के गंभीर आरोप लगाए थे। सिमरन ने आरोप लगाया कि बंगाल के सिंडिकेट राज का हिस्सा न होने की वजह से कई आर्टिस्ट का बॉयकाट किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में स्वरूप बिस्वास सबसे अहम कड़ी हैं।

इस पूरे मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए विधायक पापिया अधिकारी ने भी स्वरूप बिस्वास के ऊपर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को बिस्वास के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। अब सरकार के आने के बाद उन पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वरूप बिस्वास को गिरफ्तार करके न्यू अलीपुर पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। यहां उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

बता दें, सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी के आधे से ज्यादा विधायक बागी हो चुके हैं। वह ममता का नेतृत्व तो स्वीकार कर रहे हैं लेकिन पार्टी के ऊपर से उनकी पकड़ को बिलकुल खत्म करने पर उतारू है। इसके अलावा सत्ता के साथ टीएमसी ने बंगाल में जो धमक जमाई थी वह भी पूरी तरह से खत्म होती नजर आ रही है। सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी के साथ हुई घटना हो या फिर फलता से जहांगीर खान का चुनाव से अलग होना और सीट भाजपा के खाते में चले जाना। 4 मई के बाद से ममता के साथ अभी तक ज्यादा कुछ अच्छा नहीं हुआ है।

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Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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