'अग्निपरीक्षा' से पहले ममता बनर्जी ने पार्टी में किया बड़ा बदलाव, सायोनी घोष को भी लगाया साइड
टीएमसी में पैदा हुए संकट और बागी सांसदों को देखते हुए ममता बनर्जी ने संगठन में बड़े परिवर्तन किए हैं। उन्होंने सांसद सायोनी घोष को युवा मोर्चा के अध्यक्ष के पद से हटा दिया है और माला रॉय को महिला मोर्चे के अध्यक्ष पद से हटाया है।

बंगाल में चुनाव के बाद टीएमसी में शुरू हुए बड़े संकट के बीच ममता बनर्जी पार्टी में बड़े बदलाव करने में जुटी हैं। उन्होंने चुनाव के दौरान 'काबा-मदीना' और अन्य गीत गाकर जनता को लुभाने की कोशिश करने वाली सायोनी घोष को युवा मोर्चे के अध्यक्ष पद से हटा दिया है और यह जिम्मेदारी अर्णब बनर्जी को दे दी है। सायोनी घष जाधवपुर से सांसद हैं। उन्हें एक सप्ताह पहले ही युवा मोर्चे का अध्यक्ष बनाया गया था।
सायोनी घोष भी बागी गुट में शामिल
सूत्रों की मानें तो ममता बनर्जी ने महिला मोर्चे की अध्यक्ष को भी बदल दिया है। कोलकाता दक्षिण से सांसद माला रॉय अब तक यह जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अब ममता बनर्जी ने नादिया जिले की कालीगंज सीट से विधायक आलिफा अहमद को महिला मोर्चे का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। बताया जा रहा है कि सायोनी और माला रॉय दोनों ही बागी नेताओं के साथ शामिल हो गई हैं। टीएमसी के बागी सांसद सोमवार को लोकसभा स्पीकर से मिलकर अपने गुट को 'वास्तविक टीएमसी' घोषित करने का दावा पेश कर सकते हैं।
लोकसभा में एनडीए के समर्थन को तैयार बागी गुट
जानकारी के मुताबिक सांसद संदीप बंद्योपाध्या भी बागी गुट में शामिल हो गए हैं। टीएमसी के 28 लोकसभा सांसद हैं जिनमें से 20 बागी गुट में शमिल हैं। सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने तो यहां तक कह दिया है कि उनके गुट को टीएमसी का तमगा मिलते ही वे संसद में बीजेपी की अगुआई वाली एनडीए सरकार का समर्थन कर देंगी।
बता दें कि विधानसभा में विधायकों की बगावत के बाद ही ममता बनर्जी ने 5 जून को संगठन समिति में बदलाव किए थे। ममता बनर्जी ने पहले की सारी समितियों को भंग कर दिया था और एक नया स्ट्रक्चर बनाया था। वहीं ममता बनर्जी ने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखा था। एक राज्यसभा सांसद ने कहा, ममता बनर्जी ने जिन लोगों को दूध और शहद खिलाया वही आज उनके लिए सांप बन गए हैं। बालाघाट से सांसद कुणाल घोष को पार्टी के उत्तर कोलकाता संगठन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पहले इस पद पर संदीप बंद्योपाध्याय थे।
चर्चा यह भी चल रही है कि ममता बनर्जी टीएमसी के कांग्रेस में विलय की घोषणा कर सकती हैं। हालांकि डेरेक ओ ब्रायन ने इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया है। ब्रायन ने कहा, 'मैं टीएमसी के किसी दूसरी पार्टी में विलय की इस फर्जी खबर को खारिज करना चाहता हूं। यह निराधार है। हां, मेरे दोस्त केसी वेणुगोपाल ने इसके लिए बिल्कुल सही शब्द इस्तेमाल किया है।'
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लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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