
आलाकमान भ्रम में नहीं... कर्नाटक नेतृत्व विवाद पर मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि स्थानीय नेताओं को आंतरिक विवादों का दोष आलाकमान पर डालने के बजाय खुद जिम्मेदारी लेनी चाहिए। कांग्रेस प्रमुख ने यह भी कहा कि पार्टी की चुनावी सफलता का श्रेय लेने से बचना चाहिए।
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के अंदर चल रही कथित सत्ता खींचतान के बीच पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को साफ कहा कि नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम पार्टी के आलाकमान में नहीं है। यह भ्रम सिर्फ स्थानीय स्तर पर मौजूद है। खरगे ने स्थानीय नेताओं को चेतावनी दी कि वे आंतरिक विवादों का दोष आलाकमान पर न डालें और खुद जिम्मेदारी लें। पत्रकारों से बातचीत में खरगे ने कहा कि आलाकमान ने कोई भ्रम पैदा नहीं किया है। यह भ्रम सिर्फ स्थानीय स्तर पर मौजूद है। उन्होंने सवाल उठाया कि आलाकमान पर दोष मढ़ना कैसे सही है?
खरगे ने कहा कि स्थानीय नेताओं को आंतरिक विवादों का दोष आलाकमान पर डालने के बजाय खुद जिम्मेदारी लेनी चाहिए। कांग्रेस प्रमुख ने यह भी कहा कि पार्टी की चुनावी सफलता का श्रेय लेने से बचना चाहिए। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि पार्टी को सभी ने मिलकर बनाया है। यह किसी एक व्यक्ति का प्रयास नहीं है। कांग्रेस को पार्टी कार्यकर्ताओं ने बनाया है। कार्यकर्ताओं ने हमारा समर्थन किया।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे व्यक्तिगत योगदान का घमंड करना बंद करें और कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास को स्वीकार करें। डीके शिवकुमार के दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मिलने के सवाल पर मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का यह बयान कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच कथित सत्ता खींचतान के बीच आया है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को विश्वास जताया था कि उन्हें पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के लिए पार्टी नेतृत्व का पूरा समर्थन है।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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