Hindi NewsIndia NewsMalegaon bomb blast update nia court said pragya thakur has no link with bike became Sadhvi before incident
ब्लास्ट से 2 साल पहले साध्वी बनीं प्रज्ञा, धमाके वाली बाइक से कोई संबंध नहीं: NIA कोर्ट

ब्लास्ट से 2 साल पहले साध्वी बनीं प्रज्ञा, धमाके वाली बाइक से कोई संबंध नहीं: NIA कोर्ट

संक्षेप:

मुंबई की विशेष NIA अदालत के न्यायाधीश ए.के. लाहोटी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रज्ञा ठाकुर धमाके से दो साल पहले ही साध्वी बन चुकी थीं। जज ने यह भी कहा कि वह भौतिक चीजों से दूर हो चुकी थीं। जज लाहोटी ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि बम उस खास मोटरसाइकिल में रखा गया था।

Thu, 31 July 2025 02:45 PMUtkarsh Gaharwar लाइव हिन्दुस्तान, मालेगांव
share Share
Follow Us on

17 साल और 300 के ऊपर गवाहों को सुनने के बाद आज एनआईए की विशेष अदालत ने मालेगांव ब्लास्ट केस पर अपना फैसला सुना दिया। इस घटना से जुड़े सातों आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया है। इनमें पूर्व बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर का भी नाम है जिनपर आरोप था कि उन्होंने हादसे वाली जगह जिस बाइक में धमाका हुआ था,वह इन्होंने ही मुहैया कराई थी। आज की सुनवाई में कोर्ट ने इसे सही नहीं माना है। कोर्ट का कहना है कि प्रज्ञा ठाकुर का ब्लास्ट वाली बाइक से कोई लिंक नहीं है और वह तो धमाके के दो साल पहले ही साध्वी हो गई थीं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

मुंबई की विशेष NIA अदालत के न्यायाधीश ए.के. लाहोटी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रज्ञा ठाकुर धमाके से दो साल पहले ही साध्वी बन चुकी थीं। जज ने यह भी कहा कि वह भौतिक चीजों से दूर हो चुकी थीं। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, जज लाहोटी ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि बम उस खास मोटरसाइकिल में रखा गया था। अदालत ने आगे कहा, "धमाके में कथित तौर पर शामिल बाइक का चेसिस नंबर साफ नहीं था।अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि धमाके से ठीक पहले वह प्रज्ञा ठाकुर के पास थी। " बता दें कि 2008 में मालेगांव बम धमाके के बाद प्रज्ञा ठाकुर पर आरोप लगा था कि मोटरसाइकिल उनके नाम पर रजिस्टर्ड थी। इसे पूरे मामले की अहम कड़ी के रूप में पेश किया गया था।

मालेगांव बम धमाका मामले में आरोपी सुधाकर धर चतुर्वेदी के वकील रणजीत सांगले ने बताया कि धमाके में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की थी, इसका कोई सबूत नहीं मिला। घायलों के सर्टिफिकेट भी फर्जी थे। DG ATS (पुलिस महानिदेशक, आतंकवाद निरोधक दस्ता) को निर्देश दिया गया है कि वे जांच करें कि ये फर्जी सर्टिफिकेट किसने बनाए। उन्होंने आगे बताया, "DG ATS को सुधाकर चतुर्वेदी के घर पर प्लांट किए गए RDX की भी जांच करने का निर्देश दिया गया है।

मालेगांव धमाके में बरी होने के बाद प्रज्ञा ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "मैंने यह शुरू से ही कहा था कि जिन्हें जांच के लिए बुलाया जाता है। उसके पीछे कोई आधार होना चाहिए। मुझे जांच के लिए बुलाया गया और गिरफ्तार कर यातना दी गई। इसने मेरी पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी।" उन्होंने आगे कहा, "मैं एक साधु का जीवन जी रही थी, लेकिन मुझे आरोपी बना दिया गया। मैं जिंदा हूं क्योंकि मैं एक संन्यासिनी हूं।" उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन पर आरोप लगाए, उन्होंने "एक साजिश के तहत भगवा (केसरिया) को बदनाम किया।" प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, "आज भगवा जीत गया है और हिंदुत्व जीत गया है।"

Utkarsh Gaharwar

लेखक के बारे में

Utkarsh Gaharwar
एमिटी और बेनेट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के गुर सीखने के बाद अमर उजाला से करियर की शुरुआत हुई। अमर उजाला में बतौर एंकर सेवाएं देने के बाद 3 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम किया। वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हूं। एंकरिंग और लेखन के अलावा मिमिक्री और थोड़ा बहुत गायन भी कर लेता हूं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।