तमिलनाडु में चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर, DMK में शामिल हो गए पूर्व सीएम ओ पन्नीरसेल्वम

Feb 27, 2026 10:41 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम डीएमके में शामिल हो गए हैं। यह ना केवल एआईएडीएमके के लिए बल्कि बीजेपी के लिए भी बड़ा झटका हो सकता है।

तमिलनाडु में चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर, DMK में शामिल हो गए पूर्व सीएम ओ पन्नीरसेल्वम

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम डीएमके में शामिल हो गए हैं। यह ना केवल एआईएडीएमके के लिए बल्कि बीजेपी के लिए भी बड़ा झटका हो सकता है। बता दें कि इसी साल तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा का चुनाव होना है। पन्नीरसेल्वम तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह पूर्व सीएम और एआईएडीएम की अध्यक्ष जय ललिता के वफादार माने जाते थे। उनके निधन के बाद पार्टी में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई। हालांकि एआईएडीएमके में अंदरूनी कलह बढ़ती ही चली गई। ऐसे में पलानिस्वामी और पन्नीरसेल्वम में आपस में तनाव चरम पर पहुंच गया और संगठन में फूट पड़ गई।

अन्नाद्रमुक से 2022 में निष्कासित ओ पनीरसेल्वम शुक्रवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) में शामिल हो गए। पनीरसेल्वम ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की सुप्रीमो दिवंगत जे जयललिता के विश्वासपात्र माने जाते थे। अपने मातृ संगठन में फिर से शामिल होने के लिए तीन साल के असफल प्रयास के बाद वह द्रमुक में शामिल हो गए।

बीते दिनों उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने तक की बात कह दी थी। ओ. पन्नीरसेल्वम ने पार्टी के कल्याण के लिए 46 वर्षों से अधिक समय तक काम करने और सभी अपमानों को धैर्यपूर्वक सहने का जिक्र करते हुए मंगलवार को कहा था कि अगर उनकी गलतियां साबित हुईं, तो वह राजनीति छोड़ देंगे। अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी का नाम लिए बिना पूर्व मुख्यमंत्री ने महासचिव के चयन के लिए पार्टी के नियमों में हाल ही में किए गए संशोधनों की आलोचना की, जिन्हें पार्टी के संस्थापक एमजी रामचंद्रन ने बनाया था।

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा था, “जब क्रांतिकारी नेता (एमजी रामचंद्रन) ने इस पार्टी की स्थापना की, तो उन्होंने इन नियमों को लिखित रूप में संहिताबद्ध किया। आप इसे बदलने वाले कौन होते हैं? मैंने यह सवाल उठाया है और मामला अब अदालत में है।” पन्नीरसेल्वम ने याद दिलाया कि अन्नाद्रमुक नेतृत्व ने उन्हें पार्टी के झंडे का इस्तेमाल न करने और पार्टी की धोती नहीं पहनने का निर्देश दिया था।

उन्होंने कहा था, "मैं विधायक रहा हूं। मैं मुख्यमंत्री रहा हूं। मैं पार्टी का समन्वयक भी रहा हूं। मैंने क्या गलती की? क्या मैंने कभी किसी कार्यकर्ता पर हाथ उठाया है? अगर आप मुझे बस इतना बता दें कि मैंने क्या गलती की है, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।"

Ankit Ojha

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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