कूटनीतिक मोर्चे पर भारत को बड़ी कामयाबी, ईरान के जेल में बंद 10 नाविक छूटे
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को काफी प्रतिबंधित कर रखा है, जहां से भारत अपना आधा कच्चा तेल आयात करता है।
ईरान में पिछले साल जुलाई 2025 से बंधक बनाए गए 10 भारतीय नाविकों को आखिरकार रिहा कर दिया गया है। भारत के डीजी शिपिंग ने बताया कि एमवी हार्बर फोनिक्स टैंकर के जास्क बंदरगाह के पास पकड़े जाने के बाद से ये नाविक जेल में थे। भारत की कूटनीति के चलते इनकी सुरक्षित रिहाई संभव हो सकी है। यह कामयाबी इसलिए भी बड़ी है क्योंकि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को काफी प्रतिबंधित कर रखा है, जहां से भारत अपना आधा कच्चा तेल आयात करता है।
नाविकों की रिहाई के बीच ही 26 मई को ईरान ने वाशिंगटन पर रात में किए गए हवाई हमलों को लेकर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इन अमेरिकी हमलों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
आपको बता दें कि हाल ही में होर्मुज के पास एक लकड़ी की नाव में आग लगने से भारतीय नाविक की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद भारतीय चालक दल के अन्य 17 सदस्यों को बचा लिया गया था। चालक दल के सदस्यों को उस क्षेत्र से गुजर रहे एक जहाज ने बचाया।
यह घटना ऐसे समय हुई थी जब होर्मुज में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा था। यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया की तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
सामान लेकर जा रही नौका आग लगने के बाद होर्मुज के पास पलट गई। इस पर भारतीय चालक दल के 18 सदस्य सवार थे। इस घटना में नौका पर सवार एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि चार लोग झुलस गए।
आपको बता दें कि पश्चिम एशिया संघर्ष में आठ भारतीय नागरिक मारे जा चुके हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में दर्जनों अन्य घायल हुए हैं।
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।
और पढ़ें

