TCS धर्मांतरण केस में निदा खान को बड़ा झटका, प्रेग्नेंसी वाली दलील भी न आई काम; कोर्ट ने ठुकराई ये मांग

Pramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नासिक
share

TCS Nashik Case Update: 26 वर्षीय निदा खान उन 8 आरोपियों में से एक है, जिनके खिलाफ नासिक के एक BPO में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण कराने के आरोप हैं। निदा अभी फरार है, जबकि बाकी आरोपी गिरफ़्तार किए जा चुके हैं।

TCS धर्मांतरण केस में निदा खान को बड़ा झटका, प्रेग्नेंसी वाली दलील भी न आई काम; कोर्ट ने ठुकराई ये मांग

TCS Nashik Case Update: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस ऑफिस में कुछ महिला सहकर्मियों के कथित जबरन धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले में फरार आरोपी निदा खान को स्थानीय जिला एवं सत्र अदालत ने बड़ा झटका दिया है। सोमवार को अदालत ने निदा खान को अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया। कोर्ट अब 27 अप्रैल को उसकी अग्रिम जमानत याचिका और अंतरिम राहत की अर्जी पर सुनवाई करेगा। शनिवार को दायर अर्जी में निदा खान ने अपनी दो महीने की गर्भावस्था (प्रेग्नेंसी) का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत देने की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने इस चरण पर कोई भी अंतरिम आदेश जारी न करने का फैसला किया।

हालांकि, सुनवाई के दौरान, शिकायतकर्ता के वकील ने लिखित जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगने वाली एक अर्जी पेश की। इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया और कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए 27 अप्रैल तक का समय दिया। 26 वर्षीय निदा खान उन आठ आरोपियों में से एक है, जिनके खिलाफ नासिक के एक BPO में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण कराने के आरोप हैं। निदा अभी भी फरार है, जबकि शेष सात आरोपी गिरफ़्तार किए जा चुके हैं।

इस बीच, निदा खान के पिता ने अपनी बेटे के खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसे एक बड़ी साज़िश के तहत झूठा फंसाया जा रहा है। निदा खान को TCS नासिक BPO यूनिट की HR हेड के तौर पर पहचाना गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी बेटी के खिलाफ लगाए गए कोई भी आरोप सच नहीं हैं और सुझाव दिया कि यह मामला अन्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए गढ़ा गया है, जिसमें नासिक के स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़ा विवाद भी शामिल है। हाल ही में खरात एक रेप केस में गिरफ्तार किया गया था।

निदा खान TCS नासिक यूनिट में काम कर रही थीं। हालांकि करीब दो महीने पहले ही उसका ट्रांसफर कंपनी के मुंबई ऑफिस - मलाड और हीरानंदानी में कर दिया गया था। यह ट्रांसफर उसी समय हुआ जब उसके पति, मोइन नवीद इकबाल खान ने मुंब्रा, ठाणे में Amazon Web Services (AWS) में लॉजिस्टिक्स ऑफिसर का पद संभाला था। अब इस कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न मामले में नाम सामने आने के बाद, उन्हें नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया है और निदा फरार हो गई है। PTI के अनुसार, पुलिस ने शुक्रवार को उसके पति से पूछताछ की थी, जिसमें उसे बताया कि खान 14 अप्रैल को घर से निकल गई थीं और किसी रिश्तेदार के यहाँ रह रही हैं। एक अधिकारी ने बताया कि नासिक पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम निदा खान का पता लगाने के लिए ठाणे जिले के मुंब्रा में तैनात है।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

और पढ़ें