होर्मुज संकट के बीच बड़ा हादसा, ओमान तट पर तेल टैंकर में आग; 24 भारतीय नाविक हैं सवार
ओमान के तट पर मेडागास्कर ध्वज वाले तेल टैंकर ‘मारिवेक्स’ में भीषण आग लग गई है। जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। जहाजरानी मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।

होर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसी बीच ओमान के तट के निकट एक भारतीय नाविक वाले तेल टैंकर में आग लगने की खबर है। जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। शिपिंग मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से जानकारी देते हुए कहा कि ओमान के तट पर मेडागास्कर ध्वज वाला तेल टैंकर 'मारिवेक्स' में आग लग गई है। जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
मंत्रालय के संघीय बंदरगाह एवं जहाजरानी निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि आग स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे लगी। उन्होंने कहा कि जहाज पर इस समय कोई माल नहीं था। ओपेश शर्मा ने आगे बताया कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय दूतावास, भारतीय नौसेना तथा रक्षा मंत्रालय के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना ओमान तट से करीब 15 समुद्री मील दूर हुई। अचानक हुए जोरदार विस्फोट ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया। विस्फोट के बाद जहाज में भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे समुद्री क्षेत्र में हड़कंप मच गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, विस्फोट से इंजन रूम में बड़ा छेद हो गया, जिस कारण जहाज का संतुलन बिगड़ गया। स्थिति गंभीर होते ही चालक दल ने आपातकालीन SOS संदेश भेजा। फिलहाल हताहत की खबर नहीं है।
तुर्की में 10 महीने बाद राहत
इसी बीच, तुर्की के मारमारा सागर में 10 महीने से फंसे चार भारतीय नाविकों को आखिरकार जहाज से उतार लिया गया है। ये नाविक मंगोलियाई ध्वज वाले कंटेनर जहाज एजरा सी (AZRA C) पर सवार थे, जो अगस्त 2025 से इस्तांबुल के पास लंगर डाले खड़ा था। जहाज के कथित मालिकों को जनवरी 2026 में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद जहाज और उस पर सवार चालक दल अनिश्चितकाल तक फंस गए थे।
इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के तुर्की प्रतिनिधि सेलाहट्टिन पोलाट ने एएफपी को बताया कि नाविकों की लंबी मुश्किलें अब खत्म हो गई हैं। आईटीएफ और मरीन एम्प्लॉइज़ सॉलिडैरिटी एसोसिएशन ने इन नाविकों को पानी और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई थी। पोलाट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के अनुसार जहाज पर हर समय पर्याप्त चालक दल होना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। नया दल नहीं आया और पुराने दल को नहीं बदला गया।
आईटीएफ के आंकड़ों के अनुसार, 2025 अब तक जहाज परित्याग के मामलों का सबसे बुरा वर्ष रहा है। इस साल 410 जहाजों पर सवार 6,233 नाविक प्रभावित हुए, जिनमें सबसे अधिक संख्या भारतीय नाविकों की है। तुर्की में पिछले साल सबसे ज्यादा 61 ऐसे मामले दर्ज किए गए। वर्तमान में मारमारा सागर में 15 विदेशी ध्वज वाले जहाज लंगर डाले हुए हैं, जिन्हें परित्यक्त श्रेणी में रखा गया है। यह क्षेत्र बोस्फोरस और डार्डानेल्स के बीच स्थित है, जो काला सागर और भूमध्य सागर को जोड़ता है।
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लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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