
मजा ना करा दिया तो पैसे वापस… सड़कछाप भाषा पर उतरे पाकिस्तानी जनरल, भारत को गीदड़भभकी
पाकिस्तान के DG ISPR ने कहा है कि पाकिस्तान को 2026 तक हार्ड स्टेट बनना होगा। जनरल ने यह तक कहा कि चाहे दुश्मन ऊपर से आए, नीचे से आए, दाएं से आए, बाएं से आए, अकेला आए या मिलकर आए पाकिस्तान सभी से निपट लेगा।
बीते मई महीने में भारत से बुरी तरह मात खाने वाला पाकिस्तान इतना हताश हो चुका है कि पाक सेना के जनरल अब सड़कछाप भाषा पर उतर आए हैं। हाल ही में पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता और इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (DG ISPR) के प्रमुख ने एक प्रेस ब्रीफिंग में ना सिर्फ भारत को गीदड़भभकी दी है, बल्कि निहायत ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया।
अपने बयान में पाक सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि भारत कभी पाकिस्तान के वजूद को नहीं मानेगा इसीलिए उसे तैयार रहने की जरूरत है। जनरल ने कहा, “हिन्दुस्तान आपके वजूद को मानने को तैयार नहीं है। वो कह रहे हैं दुश्मन का दुश्मन दोस्त है।…” अहमद शरीफ ने आगे कहा, “ले आओ जो तुमने करना है। दाएं से आना है, बाएं से आना है। ऊपर से आना है, नीचे से आना है, इकट्ठे आना है या किसी के साथ आना है, एक बार मजा ना करा दिया, तो पैसे वापस।”
याद दिला दें कि यह वही अहमद शरीफ कुरैशी हैं जिन्होंने भरे प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक महिला पत्रकार को आंख मारी थी। तब सोशल मीडिया पर लोगों ने पाकिस्तानी जनरल की जमकर निंदा की थी और गुस्सा भी जाहिर किया था। अब इस तरह की भाषा का प्रयोग पाकिस्तानी सेना में बढ़ती निराशा के संकेत दे रहे हैं।
बेचैनी की साफ झलक
न्यूज 18 ने अपनी एक रिपोर्ट में शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह पाकिस्तान सेना के भीतर गहरी बेचैनी को दिखाती है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक किसी मौजूदा सैन्य प्रवक्ता का इस तरह की सड़कछाप भाषा का इस्तेमाल करना गंभीर बात है।
अब तक DG ISPR की प्रेस कॉन्फ्रेंस आमतौर पर तय ढांचे में भारत विरोधी बयानबाजी तक सीमित रहती थी, लेकिन इस बार लहजा बदला हुआ नजर आया। सूत्रों का कहना है कि औपचारिक सैन्य या कूटनीतिक शब्दों की जगह तंज भरे वाक्य इस्तेमाल करना आत्मविश्वास नहीं, बल्कि असुरक्षा को दिखाता है।

लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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