सरकार ने TMC के गद्दारों को मान्यता देने के लिए ताकत झोंक दी, क्यों भड़कीं महुआ मोइत्रा
महुआ मोइत्रा ने सर्वदलीय बैठक से बाहर आने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘आज तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में सभी विपक्षी दलों ने संसदीय कार्य मंत्री के उस फैसले के विरोध में बैठक से बहिर्गमन किया, जिसमें NCPI को आमंत्रित किया गया।’

तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने रविवार को सर्वदलीय बैठक में पार्टी के बागी सांसदों को आमंत्रित किए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अभी तक इन सांसदों की स्थिति पर अंतिम फैसला नहीं किया है, इसके बावजूद सरकार ने उन्हें मान्यता देने के लिए अपनी ओर से पूरी ताकत लगा दी है। मोइत्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 20 गद्दार सांसदों को अयोग्य घोषित नहीं करते हैं तो उनकी पार्टी अदालत का रुख कर सकती है।
महुआ मोइत्रा ने सर्वदलीय बैठक से बाहर आने के बाद संवाददाताओं से कहा, 'आज तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में सभी विपक्षी दलों ने संसदीय कार्य मंत्री के उस फैसले के विरोध में बैठक से बहिर्गमन किया, जिसमें एनसीपीआई को आमंत्रित किया गया। एनसीपीआई 20 टीएमसी गद्दारों की एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी है।' तृणमूल सांसद का कहना था, 'अध्यक्ष ने किसी विलय को मंजूरी नहीं दी है। तृणमूल ने अयोग्यता की 20 याचिकाएं दायर की हैं, जो अभी लंबित हैं। उन पर अभी फैसला नहीं हुआ है।'
20 ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ की बगावत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल की हार के बाद उसके 28 लोकसभा सदस्यों में से 20 ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी और नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए। बागी तृणमूल सांसदों सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार के सर्वदलीय बैठक में शामिल होने पर विपक्षी दलों ने विरोध जताया और सांकेतिक रूप से विरोध जताते हुए कुछ देर के लिए बैठक से बाहर चले गए। विपक्षी सदस्य बाद में बैठक में भाग लेने के लिए लौट आए।
महुआ मोइत्रा ने खूब सुनाया
महुआ मोइत्रा ने कहा कि तृणमूल की ताकत अब भी 28 सांसदों की है और अगर ऐसा है तो बागी सांसदों को सर्वदलीय बैठक में किस आधार पर आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा, 'अध्यक्ष ने न तो विलय को मंजूरी दी है और न ही हमारी अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला किया है। फिर संसदीय कार्य मंत्री उन्हें कैसे आमंत्रित कर सकते हैं और उन्हें मान्यता देने का फैसला कैसे कर सकते हैं। उन्होंने अध्यक्ष के कार्यालय से बाहर जाकर अपने स्तर पर यह किया है।' तृणमूल सांसद ने कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी बागी सांसदों की अयोग्यता पर फैसले का इंतजार कर रही है।
उधर, एनसीपीआई में शामिल होने की घोषणा करने वाले सांसदों के समूह के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने बैठक में बुलाए जाने को सही बताया। उन्होंने कहा कि अब एनसीपीआई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का दूसरा सबसे बड़ा घटक है। उन्होंने कहा, 'आज एनसीपीआई राजग में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। यह चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार की पार्टियों से भी बड़ी है। हमने मांग की है कि एनसीपीआई को निर्वाचन आयोग की ओर से मान्यता दी जाए। वह पत्र लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष रखा जाना है और वह दस्तावेज यहां मौजूद है। काकोली इसे जमा करने जा रही हैं।'
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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