सायोनी घोष से सीखना चाहिए कि कैसा नहीं बनना है; महुआ मोइत्रा ने फिर बेईमान-गद्दार कहा
ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर नरेंद्र मोदी सरकार का समर्थन कर रही एक गुमनाम पार्टी में शामिल सायोनी घोष पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने फिर हमला बोला है और कहा कि उनसे सीखना चाहिए कि कैसा नहीं बनना है।

तृणमूल कांग्रेस में बगावत के बाद से ममता बनर्जी की दो पुरानी लड़ाकाओं के बीच तल्खी घटने का नाम नहीं ले रही है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एक बार फिर सायोनी घोष को बेईमान-गद्दार बताते हुए कहा कि उनसे यह सीख लेनी चाहिए कि कैसा नहीं बनना है। महुआ मोइत्रा ने किशनगंज के 8 साल के बच्चे यू-ट्यूबर अर्श नवाज को दिए इंटरव्यू में कहा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में सायोनी का नाम भी मार जाफर की तरह हो गया है। वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में सायोनी घोष समेत 20 सांसदों ने विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की हार के बाद टीएमसी को तोड़कर एक गुमनाम पड़े दल नेशनल सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया को जिंदा करते हुए एनडीए को समर्थन कर दिया था।
महुआ मोइत्रा ने बाल यू-ट्यूबर के सायोनी घोष के टीएमसी से निकलने के सवाल पर कहा- ‘जिंदगी में क्या नहीं करना चाहिए। कोई-कोई शख्स जो हैं, जो सिखाते हैं कि क्या करना चाहिए। और कोई-कोई हैं, जिनको देखकर आपको सीखना है कि आपको क्या नहीं करना चाहिए। तो उनको देखकर ये सीखना है कि जिंदगी में क्या नहीं करना चाहिए। ऐसा बेईमान, ऐसा गद्दार नहीं बनना चाहिए। जैसे मीर जफर नाम है। उनका भी नाम अभी बंगाल की राजनीति में हो गया है कि वो बेईमान हैं। बेईमान एक चीज कहता है, एक (दूसरी) चीज करता है। कभी इनसे कोई शिक्षा नहीं लेना।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या ममता ने सायोनी को आगे बढ़ाकर गलती की तो महुआ ने कहा- ‘गलती हम यह नहीं कहेंगे। हम जो करते हैं, वो हम सच्चा दिल से, साफ दिल से करते हैं। अब कोई बेईमानी करे, उनकी दिक्कत है। वो उसका पाप लेंगी।’
यू-ट्यूबर ने सायोनी की तरह दावा करने के बाद महुआ के टीएमसी नहीं छोड़ने का सवाल किया तो उन्होंने कहा कि नफरत को हटाने के लिए राजनीति में आई हैं और जितने दिन राजनीति में हैं, इसी साइड रहकर लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि वह राजनीति छोड़ देंगी, लेकिन पलटी नहीं मारेंगी। टीएमसी की हार पर महुआ ने कहा कि वोट चोरी और बदलाव की चाहत दोनों का मिला-जुला असर हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत होता रहता है। महुआ ने कहा- ‘चुनाव जीतना-हारना जीवन का हिस्सा है। वो तीन बार जीतीं। सात बार एमपी रहीं चुकी हैं। हम तीन बार सत्ता में आए। दो चीज हो सकती है। लोग चेंज चाहते थे। पर यहां पर बहुत चोरी भी हुआ। 30 लाख लोग जो वोटर थे, वोट नहीं डाल पाए। इससे भी थोड़ा फर्क पड़ा। पुलिस का इस्तेमाल किया, वो भी सही नहीं था।’


