महात्मा गांधी ने किए 30 अनशन, सबसे लंबा 21 दिन का; अंतिम संस्कार की भी हो गई थी तैयारी
महात्मा गांधी ने 1942 में सबसे लंबा 21 दिनों का अनशन किया था। उस समय उनकी उम्र 73 साल की थी। अंग्रेजों को भरोसा नहीं था कि वह 21 दिन का अनशन पूरा कर पाएंगे इसलिए उनके अंतिम संस्कार की भी तैयारी कर ली गई थी।

संसद मार्च के बीच सोमवार को सीजेपी के सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। इसके बाद अभिजीत दीपके और तीन स्टूडेंट्स ने अपना अनशन खत्म कर दिया। हालांकि सोनम वांगचुक अब भी अपनी मांग पर अड़े हैं और 23वें दिन भी उनका अनशन जारी है। देश में अनशन की शुरुआत महात्मा गांधी ने की थी। दक्षिण अफ्रीका से वापस आने के बाद 1948 तक उन्होंने कम से कम 30 बार अनशन किए। इनमें से सबसे लंबा अनशन 21 दिन का था। तब तो अंग्रेजों को भरोसा हो गया था इस बार महात्मा गांधी नहीं बचेंगे। ऐसे में उनके अंतिम संस्कार के लिए चंदन की लकड़ी तक मंगवा ली गई थी और जनता के आक्रोश को संभालने के लिए पूरी तैयारी हो गई थी।
साल 1942 में महात्मा गांधी ने हिंदू-मुस्लिम दंगे रुकवाने और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए अनशन किया था। वहीं स्वतंत्रता सेनानी जतींद्र नाथ ने 63 दिनों की भूख हड़ताल की थी। इसके बाद उनकी मात्र 24 वर्ष की अवस्था में मौत हो गई थी। आंध्र प्रदेश बनाने की मांग को लेकर श्रीरामलू पोट्टी ने 56 दिनों का अनशन किया था। उनकी भी भूख हड़ताल की वजह से ही मौत हो गई थी। इसके बाद 5 अप्रैल 2011 में लोकपाल बिल की मांग को लेकर अन्ना हजारे ने रामलीला मैदान में अनशन किया। पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल ने गंगा की स्वच्छता के लिए 111 दिनों का अनशन किया और उनकी मौत हो गई। मणिपुर की आयर लेडी कही जाने वाली इरोम शर्मिला ने 16 साल तक अनशन किया। उनको जबरन नाक से पोषण दिया जाता था।
महात्मा गांधी का सबसे लंबा अनशन
साल 1942 में महात्मा गांधी ने हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए 21 दिनों का अनशन किया। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अंग्रेज महात्मा गांधी को हिंसा का जिम्मेदार ठहरा रहे थे। उस सयम वायसराय लिनलिथगो थे। उनकी राय महात्मा गांधी को लेकर अच्छी नहीं रहती थी। महात्मा गांधी ने वायसराय से पत्राचार किया और यह साबित करने को कहा कि वह हिंसा के जिम्मेदार हैं। जब वायसराय अपने रुख से नहीं हिले तो महात्मा गांधी ने आगा खान महले में अनशन शुरू करदिया।
उस समय महात्मा गांधी की उम्र 73 साल की थी और वह बेहद कमजोर हो गए थे। डॉक्टरों ने कह दिया था कि 21 दिन का अनशन वह पूरा नहीं क पाएंगे। वहीं पांच दिन बीतने के बाद ही गांधी जी की तबीयत बिगड़ने लगी । महात्मा गांधी ने कहा था कि पानी को पीने लायक बनाने के लिए उसमें थोड़ा मौसमी का जूस मिलाया जा सकता है। वहीं वायसराय ने महात्मा गांधी के अंतिम संस्कार की भी तैयारी कर डाली। मीराबेन ने अनपी पुस्तक 'एक साधिका की जीवनयात्रा' में लिखा कि यह तो बाद में पता चला कि अंग्रेजों ने उनके अंतिम संस्कार के लिए चंदन की लकड़ी मंगा ली थी। इसके साथ ही पूरे देश के अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया था। बाद में महात्मा गांधी ने 1933 में छुआछूत को मिटाने के लिए अनशन किया।
लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
और पढ़ें

