अब ISKCON के होटलों पर चला तुकाराम मुंढे का डंडा, IRCTC सप्लायर पर भी गिरी गाज
FDA के मुताबिक ISKCON के गोविंदा रेस्टोरेंट में फूड टेस्टिंग, पीने के पानी, सफाई, ड्रेनेज, पेस्ट कंट्रोल और कर्मचारियों की हाइजीन और ट्रेनिंग से जुड़े कई नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके बाद बड़ा एक्शन लिया गया है।

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अध्यक्ष बनने के बाद से IAS तुकाराम मुंढे का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। अब उनका डंडा IRCTC और ISKCON से जुड़े फूड आउटलेट पर चला है। मंगलवार को महाराष्ट्र FDA ने मुंबई और आसपास के इलाकों में स्वच्छता के मानकों के उल्लंघन को लेकर IRCTC से जुड़े एक फूड सप्लायर और जुहू स्थित ISKCON के तीन रेस्टोरेंट के फूड लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक FDA ने जांच के बाद कुर्ला वेस्ट स्थित IRCTC के सप्लायर 'आरके एसोसिएट्स एंड होटेलियर्स' का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। 2 सितंबर को हुई चेकिंग में यहां साफ-सफाई को लेकर गंभीर कोताही मिली। FDA की टीम को यहां स्टोरेज और प्रोसेसिंग एरिया में कई कॉकरोच मिले। वहीं खाना बिना ढके रखा था। इसके अलावा खुले कचरे के पास ही खाना पकाया जा रहा था। कर्मचारियों की पर्सनल हाइजीन में कमी देखी गई। 34 में से केवल 21 कर्मचारियों के पास मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट था।
इस्कॉन के 3 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
तुकाराम मुंढे के अभियान का अगला निशाना ISKCON के होटल बने। 3 सितंबर को इस्कॉन में जांच के बाद 7 सितंबर को 3 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। जुहू के प्रतिष्ठान में FDA टीम को नियमों की धज्जियां उड़ती दिखी रही। रसोई के पिछले दरवाजे से कीड़े-मकोड़ों को रोकने का कोई इंतजाम नहीं था। वहीं नालियां खाने के कचरे से जाम थीं। लैब टेस्टिंग और कर्मचारियों के ट्रेनिंग का कोई रिकॉर्ड नहीं था। इसके अलावा इस्कॉन के गोविंदास रेस्टोरेंट में भी FDA ने रेड मारी। यहां पानी की शुद्धता की कोई चेकिंग नहीं की जा रही थी। खाने को खुले में ऐसा रखा गया था जिससे वह कीड़े-मकौड़ों का घर बन सकता था।
जारी है तुकाराम मुंढे का एक्शन
बता दें कि इस साल मई में खाद्य विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही तुकाराम मुंढे लगातार कई फूड आउटलेट के खिलाफ एक्शन ले चुके हैं। निजी होटलों के साथ-साथ सरकारी प्रतिष्ठानों पर भी उनका डंडा चल चुका है। उनकी निगरानी में FDA ने मंगलवार को भी कई प्रतिष्ठानों पर रेड मारा। इस दौरान 'बॉम्बे - द फूड फ्यूजन कैफे', 'श्री मधुरम', मुलुंड (वेस्ट) के 'कोठारी स्वीट' और 'मुलुंड फरसाण मार्ट' और गोरेगांव (ईस्ट) के 'महाराष्ट्र बिरयानी सेंटर' के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
गाय के दूध को बताया भैंस का
FDA की जांच में कई बड़े खुलासे हुए। 1 सितंबर को हुई जांच में 'मातेश्वरी मिल्क' का लाइसेंस निलंबित किया गया। यह डेयरी बिना किसी उपकरण के पाश्चुरीकृत दूध बेचने का दावा कर रही थी। इसके अलावा खुले टोंड दूध को 'गाय का दूध' और 'भैंस का दूध' बताकर बेचा जा रहा था।


