AIMIM आतंकी संगठन, ओसामा और ओवैसी में कोई अंतर नहीं; क्यों भड़के महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे?
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने ओवैसी और उनकी पार्टी के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली है। राणे ने नासिक टीसीएस मामले में आरोपी निदा खान के मामले में ओवैसी की पार्टी का नाम आने पर कहा कि AIMIM एक आतंकवादी संगठन है। इसे बैन कर देना चाहिए।

Maharashtra news: महाराष्ट्र् सरकार में मंत्री नितेश राणे ने असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को 'आतंकवादी संगठन' करार देते हुए उस पर बैन लगाने की मांग की। राणे यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि ओवैसी और ओसामा में कोई अंतर नहीं है, दोनों जेहाद ही करते हैं। बता दें, राणे का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली पार्टी के एक पार्षद पर नासिक टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामले में एक प्रमुख आरोपी को कथित तौर पर पनाह देने के लिए मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि टीसीएस मामले में आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल ने पिछले कुछ दिनों से निदा खान और उसके परिजनों को पनाह दी थी। निदा खान को कथित तौर पर शरण के लिए मतीन पटेल को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
AIMIM पर लगे बैन: नितेश राणे
इस पूरे घटनाक्रम पर जब महाराष्ट्र सरकार में मंत्री की राय मांगी गई तो उन्होंने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "MIM आतंकवादी संगठन है, बिन लादेन और ओवैसी में कोई फर्क नहीं है। जो काम बिन लादेन अलकायदा की मदद से करता था। वही काम ओवैसी अभी MIM के माध्यम से कर रहे हैं। मुझे बताइए की ओवैसी ने सांसद बनने के बाद से कौनसा बड़ा काम किया है। वह केवल जेहाद करते हैं। उनके घोषणा पत्र में एक ही बात लिखी है कि हम सिर्फ जेहाद करेंगे। इसलिए जैसे हमने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को बैन किया है। वैसे ही इस पार्टी को भी बैन करना चाहिए। यह एक आतंकी संगठन है।"
अशोक खैराट को किसी ने नहीं दिया समर्थन: राणे
राणे ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अशोक खराट का मामला सामने आया था, लेकिन किसी भी हिंदू ने उसका समर्थन नहीं किया। लेकिन जैसे ही निदा खान का मामला सामने आया ओवैसी उसके समर्थन में आ गए। उन्होंने कहा, "क्या हम लोगों ने खरात को समर्थन किया क्या? अशोक खरात जैसे व्यक्ति ने हमारे हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश की, उसका किसी भी हिंदू संगठन ने समर्थन नहीं किया। हमारे पूरे समाज की मांग है कि उसको फांसी पर चढ़ाओ, तो फिर यह निदा खान के मामले में ऐसा क्यों नहीं कहते? क्या इसी को इस्लाम कहते हैं? वह लोग हमें बताएं।"
गौरतलब है कि नासिक केस में पार्टी का नाम सामने आने पर ओवैसी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को टीसीएस मामले की आरोपी निदा खान से जोड़ना गलत है और इस बात पर जोर दिया निदा खान अदालत में निर्दोष साबित होगी।
निदा खान का मीडिया ट्रायल हो रहा है: ओवैसी
राज्य में आगामी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में अपनी पार्टी की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि निदा खान का "मीडिया ट्रायल" किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ''प्राथमिकी दर्ज होने से पहले ही निदा खान का तबादला हो गया था। हम सभी ने टीसीएस का बयान देखा है। उसमें कहा गया है कि उसका मानव संसाधन विभाग से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है। अब तक नौ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और उनमें से एक में निदा खान पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।'' उन्होंने दावा किया कि इस मामले में शिकायतकर्ता ''सत्ताधारी दल सदस्य'' है। लोकसभा सदस्य ओवैसी ने सवाल उठाया कि क्या बुर्का या पैगंबर मोहम्मद पर एक पुस्तक रखना गैरकानूनी है, क्योंकि ये हर मुस्लिम घर में मौजूद होती हैं।
ओवैसी ने कहा, ''यह 'मीडिया ट्रायल' है और अगर मीडिया जज और जूरी की तरह काम करेगा तो यह खतरनाक होगा। इससे न्याय का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। हमें विश्वास है कि अदालत से इंसाफ मिलेगा और लड़की (निदा खान) निर्दोष साबित होगी। यह मामला अदालत में टिक नहीं पाएगा।'' उन्होंने कहा, ''यह मुस्लिम समुदाय के शिक्षित लोगों को परेशान करने के इरादे से किया जा रहा है। ये आरोप नफरत से प्रेरित हैं। न्यायपालिका अपनी भूमिका निभाएगी। लेकिन इस मामले में किसी पार्टी को जोड़ना पूरी तरह गलत है।'' ओवैसी ने अपने पार्टी सहयोगी और पार्षद मतीन पटेल के खिलाफ मामला दर्ज होने पर कहा कि आरोपों को अदालत में चुनौती दी जाएगी।
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लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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