‘मां के लिए जी लो…’, सरपंच की भावुक अपील भी नहीं आई काम; पहाड़ी से कूद गया पूरा परिवार

लाइव हिन्दुस्तान, छत्रपति संभाजीनगर
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महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में मोबाइल फोन को लेकर विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक पहाड़ी पर पहुंच गया। उसे बचाने की कोशिश में पिता भी नीचे गिर गए। पति और बेटे को गिरता देख मां ने भी छलांग लगा दी। तीनों की मौत हो गई।

बेटे ने पहाड़ी से लगाई छलांग, बचाने दौड़े पिता भी गिरे; पति-बेटे को गिरता देख मां ने भी कूदकर दी जान
बेटे ने पहाड़ी से लगाई छलांग, बचाने दौड़े पिता भी गिरे; पति-बेटे को गिरता देख मां ने भी कूदकर दी जान

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद ने एक परिवार की जान ले ली। शुक्रवार दोपहर तिसगांव इलाके की खावड्या पहाड़ी से 19 वर्षीय युवक गिर गया। उसे बचाने की कोशिश में उसके पिता भी नीचे गिर गए। पति और बेटे को गिरता देख मां ने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। तीनों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने तीनों के शव बरामद कर आगे की औपचारिकताओं के लिए भेज दिए हैं।

माता-पिता से विवाद के बाद पहाड़ी पर पहुंचा था युवक

जानकारी के मुताबिक, 19 वर्षीय युवक की अपने माता-पिता से बहस हुई थी। इसके बाद वह सुबह करीब 10 बजे खावड्या पहाड़ी पर चला गया। उसके माता-पिता भी उसके पीछे वहां पहुंचे और उसे वापस लौटने के लिए समझाने लगे।

इस बीच पुलिस, दमकलकर्मी, ग्रामीण और गांव के सरपंच भी मौके पर पहुंच गए। करीब तीन घंटे तक युवक को समझाने और उसे वहां से वापस लाने की कोशिश की गई।

सरपंच ने कहा- ‘जो चाहिए वो लाकर देंगे, गांव चलो’

युवक को समझाने के लिए गांव के सरपंच ने कई तरह के वादे किए। उन्होंने उससे कहा, “मैं गांव का सरपंच हूं। चलो, जो चाहिए वो लाकर देंगे। गांव चलते हैं।” जब युवक नहीं माना तो सरपंच ने भावनात्मक अपील भी की। उन्होंने कहा, “कूदने से क्या हासिल होगा? मां के लिए जी लो ना!” लेकिन युवक किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। उसने कहा, “नहीं, मुझे मरना है। यही एक रास्ता बचा है।”

रेस्क्यू टीम के लिए मुश्किल हो गया था युवक की स्थिति का अंदाजा लगाना

इससे पहले बचाव दल ने पहाड़ी के नीचे सुरक्षा जाल लगाने की कोशिश की थी। लेकिन 19 वर्षीय युवक बार-बार किनारे के पास अपनी जगह बदल रहा था। ऐसे में उसके किस जगह से छलांग लगाने की आशंका है, इसका अनुमान लगाना बचावकर्मियों के लिए मुश्किल हो रहा था।

बेटे को बचाने दौड़े पिता, दोनों नीचे गिरे

वालुज एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर रामेश्वर गाडे के मुताबिक, दोपहर 1 बजे के बाद युवक के पिता धीरे-धीरे उसके पास पहुंचे और उसे किनारे से पीछे हटने के लिए समझाने लगे। इसी दौरान युवक अचानक नीचे कूद गया। उसे पकड़कर बचाने की कोशिश में उसके पिता भी पहाड़ी से नीचे गिर गए।

पति और बेटे को गिरता देख मां ने भी लगा दी छलांग

पति और बेटे को पहाड़ी से गिरता देखकर युवक की मां ने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। पुलिस ने बताया कि तीनों के शव बरामद कर लिए गए और आगे की औपचारिकताओं के लिए भेजे गए हैं। तिसगांव गांव के पूर्व सरपंच संजय जाधव भी युवक को समझाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रशासन के साथ मिलकर करीब तीन घंटे तक युवक को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह किसी की बात सुनने की स्थिति में नहीं था।

Amit Kumar

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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