
मेरा नाम लिया तो खैर नहीं... अजित पवार ने बेटे से जुड़े भूमि विवाद से खुद को किया अलग, 2 अफसर सस्पेंड
एक अधिकारी के अनुसार, पुणे के पॉश इलाके मुंधवा में 40 एकड़ सरकारी महार वतन ज़मीन ‘अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी’ को 300 करोड़ रुपये में बेची गई जिसमें पार्थ पवार भी भागीदार है, और इस पर स्टांप शुल्क भी माफ कर दिया गया।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार ने अपने बेटे पार्थ पवार से जुड़े कथित भूमि सौदे के विवाद से खुद को अलग कर लिया है और कहा कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। पवार ने पुणे में गुरुवार को दो टूक कहा कि अगर किसी ने इस मामले में उन्हें जबरन घसीटा या उनके नाम का दुरुपयोग किया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, "मीडिया टीवी चैनलों पर जो कुछ भी दिखा रहा है, उसके बारे में मुझे पूरी जानकारी नहीं है। मेरा उस मामले से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है। महाराष्ट्र के लोग मुझे 35 सालों से जानते हैं। मैंने इस मामले की पूरी जानकारी हासिल करने का फैसला किया है। मुझे दो-चार महीने पहले इस तरह की किसी घटना के बारे में पता चला था। मैंने कोई भी गलत काम न करने की हिदायत दी थी लेकिन इस बीच क्या हुआ? मुझे नहीं पता।"
कभी किसी को लाभ पहुंचाने की कोशिश नहीं की
पवार ने कहा कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों को किसी तरह का कोई भी लाभ पहुंचाने के लिए कभी भी किसी अधिकारी को न तो बुलाया और न ही उन्हें कोई निर्देश दिया। उन्होंने कहा, "मैं अधिकारियों को स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि मैं अपना काम करवाने के लिए मेरे नाम का इस्तेमाल करने वाले किसी भी गलत काम का समर्थन नहीं करूँगा।" उन्होंने आगे कहा, “जब आपके बच्चे बड़े हो जाते हैं, तो वे अपना खुद का व्यवसाय करते हैं।”
फडणवीस ने भूमि सौदे को प्रथम दृष्टया गंभीर बताया
उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वह नियमों और कानून के दायरे में काम करने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले की जाँच करने और दोषियों को दंडित करने का भी आग्रह किया। इस बीच उन्होंने पार्थ पवार से जुड़े कथित रूप से 300 करोड़ रुपये के भूमि सौदे को लेकर एक उप-पंजीयक को निलंबित कर दिया और इसकी जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खरगे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर गठित जांच समिति का नेतृत्व करेंगे। फडणवीस ने भूमि सौदे को “प्रथम दृष्टया गंभीर” बताया है।
क्या है विवाद?
पुणे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार से कथित तौर पर जुड़े एक ज़मीन सौदे को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। रिपोर्टों के अनुसार, पुणे में लगभग 1,800 करोड़ रुपये मूल्य का 40 एकड़ का एक प्रमुख प्लॉट पार्थ पवार की कंपनी, अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी को लगभग 300 करोड़ रुपये में बेचा गया। कई लोगों को और भी ज़्यादा हैरानी इस बात से हुई है कि इस सौदे पर चुकाई गई स्टाम्प ड्यूटी कथित तौर पर सिर्फ़ 500 रुपये थी।
विवादास्पद सौदे को लेकर पुणे के तहसीलदार सूर्यकांत येवाले को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस सौदे के कारण विपक्ष ने सत्तारूढ़ महायुति पर निशाना साधा है, जिसमें भाजपा, अजित पवार की राकांपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना शामिल है। अधिकारी के अनुसार, पुणे के पॉश इलाके मुंधवा में 40 एकड़ ‘‘सरकारी महार वतन ज़मीन’’ ‘अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी’ को 300 करोड़ रुपये में बेची गई जिसमें पार्थ पवार भी भागीदार है, और इस पर स्टांप शुल्क भी माफ कर दिया गया। (भाषा इनपुट्स के साथ)





