सुपारीबाज, गधे...मिसिंग लिंक के आलोचकों के लिए ठंडा नहीं पड़ा फडणवीस का गुस्सा; फिर सुनाया
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट के आलोचकों पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस का गुस्सा ठंडा नहीं पड़ा है। महाराष्ट्र के सीएम ने कहाकि अगर लोगों को उनके द्वारा इस्तेमाल किया गया, ‘भाड़े का टट्टू’ शब्द पसंद नहीं आ रहा तो वह इसके लिए दूसरा शब्द इस्तेमाल करेंगे।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट के आलोचकों पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस का गुस्सा ठंडा नहीं पड़ा है। शुक्रवार को फडणवीस ने दूसरे दिन भी जमकर सुनाया। महाराष्ट्र के सीएम ने कहाकि अगर लोगों को उनके द्वारा इस्तेमाल किया गया, ‘भाड़े का टट्टू’ शब्द पसंद नहीं आ रहा तो वह इसके लिए दूसरा शब्द इस्तेमाल करेंगे। इसके बदले, फडणवीस ने घुमंतू गधे और सुपारीबाज जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। बता दें कि सीएम फडणवीस ने विधानसभा में भी मिसिंग लिंक के आलोचकों पर सवाल खड़े किए थे। उहोंने कहाकि मिसिंग लिंक पर लैंडस्लाइड के बाद कुछ लोगों ने बिना वजह सरकार की आलोचना की। इन लोगों को झूठ बोलने में जरा भी शर्म नहीं आई।
पहले क्या कहा था
मुख्यमंत्री ने यह भी कहाकि मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट पर सवाल उठाकर लोग महाराष्ट्र की तौहीन कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि मैं अपनी आलोचना तो बर्दाश्त कर सकता हूं। लेकिन यहां के बेस्ट प्रोजेक्ट को निशाना बनाकर महाराष्ट्र की गरिमा के साथ जो खिलवाड़ हो रहा है, वह मुझे बर्दाश्त नहीं है। बता दें कि यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब इस हफ्ते भारी बारिश के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट के पास भूस्खलन हो गया। भूस्खलन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद विपक्षी नेताओं और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
विधानसभा में भी बरसे थे
बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा में आलोचना का जवाब देते हुए, फडणवीस ने कहा था कि देवेंद्र फडणवीस को जितनी मन करें गाली दें। मैं तो गाली-प्रूफ हो गया हूं। लेकिन अपने ही राज्य और उसके बेहतरीन प्रोजेक्ट्स को बदनाम मत करो। उन्होंने कुछ सोशल मीडिया यूजर पर प्रोजेक्ट के खिलाफ पेड कैंपेन चलाने का आरोप भी लगाया। साथ ही कहाकि जो लोग जिन्हें एक सड़क का कुत्ता भी न नोटिस करे, वो सोशल मीडिया पर आकर हमें गाली दे रहे हैं। हम इन ‘भाड़े के टट्टू’ को नहीं छोड़ेंगे जो पैसे के लिए बातें लिखते हैं। उनकी इस बात पर विपक्ष भड़क उठा है। कांग्रेस और शिवसेना ने मुख्यमंत्री की इन शब्दों के लिए खूब आलोचना की है।
विपक्ष ने की आलोचना
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर राज्य सरकार की आलोचना करने वालों को धमकाने का शुक्रवार को आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह का आचरण शोभा नहीं देता। सपकाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहाकि जनता और विपक्ष को सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है। सपकाल ने कहा कि ‘कुत्ते’ और ‘किराए के एजेंट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल महाराष्ट्र जैसे सभ्य राजनीतिक संस्कृति वाले राज्य के मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस द्वारा ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाए जाने के बाद फडणवीस ने गुस्से में ऐसी प्रतिक्रिया दी।
राज ठाकरे ने भी उठाए सवाल
वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहाकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि ‘मिसिंग लिंक’ जैसी बुनियादी ढांचा परियोजना के कामकाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाने से महाराष्ट्र का अपमान कैसे हो जाता है। मनसे रेल सेना के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ठाकरे ने यह भी पूछा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सवाल उठाना राजनीति कैसे हो सकता है।
लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।


