
मॉब लिंचिंग के आरोपी को पार्टी में शामिल कर फंसी BJP, अब फैसले पर लगानी पड़ी रोक
भाजपा ने मॉब लिंचिंग मामले में आरोपी राकांपा नेता को पार्टी में शामिल करने के फैसले पर रोक लगा दी है। यह फैसला पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा तीखी प्रतिक्रिया के साथ-साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच असहमति के स्वरों के बाद लिया गया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज देर शाम पालघर के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता काशीनाथ चौधरी को पार्टी में शामिल करने के अपने फैसले पर रोक लगा दी है। काशीनाथ चौधरी पर 2020 में दो हिंदू साधुओं की मॉब लिंचिंग में शामिल होने का आरोप है। यह फैसला पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा की गई आलोचना और तीखी प्रतिक्रिया के साथ-साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच असहमति के स्वरों के बाद लिया।
भाजपा के इस कदम को स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पालघर जिले में पार्टी की संगठनात्मक ताकत बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने आज शाम एक निर्देश जारी कर इस कदम पर रोक लगा दी। उन्होंने एक बयान में कहा, "मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चौधरी को पार्टी में शामिल करने पर रोक लगा दी गई है।"
इससे पहले प्रदेश पार्टी प्रवक्ता नवनाथ बान ने बताया कि चौधरी पालघर लिंचिंग मामले में गवाह हैं और स्पष्ट किया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो या आपराधिक जांच विभाग द्वारा की गई किसी भी जांच में उनका नाम आरोपी के रूप में नहीं आया है। उन्होंने बताया कि चौधरी का नाम मामले से जुड़ी सभी प्राथमिकी और आरोपपत्रों में नहीं है, और स्थानीय पार्टी नेताओं ने इन विवरणों की पुष्टि के बाद उन्हें पार्टी में शामिल करने का निर्णय लिया था।
हालांकि बान ने बताया कि बाद में यह मामला सोशल मीडिया पर भाजपा में व्यापक चर्चा का विषय बन गया। इसे देखते हुए, प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने चौधरी की प्रस्तावित नियुक्ति को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।





