मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलेगी मेड-इन-इंडिया बुलेट ट्रेन, जानें लॉन्चिंग की तारीख
संसदीय समिति को सौंपी गई रिपोर्ट में मंत्रालय ने लागत में हुई भारी बढ़ोतरी के कारणों का भी खुलासा किया है। 2015 में इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 97,636 करोड़ रुपये थी, जो अब कई गुना बढ़ चुकी है।

भारत का महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अब एक नए और गौरवशाली अध्याय में प्रवेश कर चुका है। रेल मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर संसदीय स्थायी समिति को सूचित किया है कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के पहले खंड पर जापान की शिंकानसेन के बजाय भारत में निर्मित B28 ट्रेनसेट दौड़ेंगे। अगस्त 2027 में सूरत से वापी के बीच शुरू होने वाले इस ऑपरेशन के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जो खुद अपनी बुलेट ट्रेन तकनीक विकसित कर रहे हैं।
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, जापानी शिंकानसेन की E10 सीरीज का विकास अभी जापान में जारी है, जिसके चलते उसके तकनीकी विवरणों में देरी हो रही है। इस बीच भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए स्वदेशी ट्रेनसेट का विकल्प चुना है। B28 ट्रेनसेट का निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी BEML द्वारा किया जा रहा है। यह ट्रेन 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम होगी। इस कॉरिडोर के लिए वैकल्पिक सिग्नलिंग सिस्टम के लिए टेंडर पहले ही दिए जा चुके हैं और काम शुरू हो गया है।
संसदीय समिति को सौंपी गई रिपोर्ट में मंत्रालय ने लागत में हुई भारी बढ़ोतरी के कारणों का भी खुलासा किया है। 2015 में इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 97,636 करोड़ रुपये थी, जो अब कई गुना बढ़ चुकी है। इसके कारण 29,330 करोड़ का अतिरिक्त बोझ बताया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों, विशेषकर मुंबई में जमीन की बढ़ती कीमतों के कारण लागत 16,695 करोड़ बढ़ गई। भारत में निर्मित ट्रेन और ETCS सिग्नलिंग सिस्टम पर 16,500 करोड़ का खर्च आएगा। 2015 से अब तक 19,084 करोड़ का अतिरिक्त खर्च बढ़ा है।
लॉन्चिंग की तारीख?
रेल मंत्री ने बताया कि 15 अगस्त 2027 को इस प्रोजेक्ट के पहले हिस्से के लॉन्च का लक्ष्य रखा गया है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट एक अत्यंत जटिल और तकनीक-प्रधान कार्य है, जिसमें जापान और अन्य देशों से तकनीक हस्तांतरण और आपूर्ति शामिल है। परियोजना की अंतिम समय-सीमा नागरिक संरचना, ट्रैक बिछाने, इलेक्ट्रिकल और सिग्नलिंग कार्यों के पूरा होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, संशोधित लागत अनुमान की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
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