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डॉक्टर बने दहशतगर्द! कश्मीर से फरीदाबाद तक फैला 'सफेदपोश आतंक' का जाल; 4 गिरफ्तार, एक फरार

डॉक्टर बने दहशतगर्द! कश्मीर से फरीदाबाद तक फैला 'सफेदपोश आतंक' का जाल; 4 गिरफ्तार, एक फरार

संक्षेप: फरीदाबाद में अल-फलाह यूनिवर्सिटी व आसपास भारी पुलिस बल तैनात है। स्टाफ से पूछताछ और धौज व दहर कॉलोनी में तलाशी जारी है। डॉ. मुजम्मिल तीन साल से अधिक समय से यूनिवर्सिटी में था। पूरी डिटेल जानिए।

Wed, 12 Nov 2025 01:27 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में हुए धमाके की जांच के दौरान अब तक एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस आतंकी नेटवर्क में डॉक्टर और शिक्षित पेशेवर शामिल हैं जिसने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है। मंगलवार को पुलिस ने पुलवामा के एक और डॉक्टर सजाद मलिक को हिरासत में लिया। इस मामले में गिरफ्तार कश्मीर मूल के डॉक्टरों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सजाद की गिरफ्तारी उसके दोस्त उमर से पूछताछ के लिए की गई है या उसे भी आतंकी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है। इस दौरान श्रीनगर, फरीदाबाद, सहारनपुर और अन्य इलाकों में छापेमारी की गई, जिसमें भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार और बम बनाने की सामग्री बरामद की गई है।

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जांच की शुरुआत कैसे हुई

यह जांच तब शुरू हुई जब 19 अक्टूबर को श्रीनगर के बुनपोरा नवगाम क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के पोस्टर लगे मिले, जिनमें सुरक्षा बलों को धमकी दी गई थी। पुलिस को जांच के दौरान एक 'व्हाइट कॉलर टेरर इकोसिस्टम' का पता चला, जिसमें शिक्षित और पेशेवर लोग शामिल थे। ये लोग डॉक्टरों और छात्रों के रूप में काम करते हुए एन्क्रिप्टेड चैनलों और चैरिटेबल संगठनों के माध्यम से धन, हथियार और विस्फोटक एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा रहे थे।

गिरफ्तार और संदिग्ध डॉक्टरों की सूची

1. डॉ. मुजम्मिल गनाई (उम्र 35, पुलवामा, कश्मीर)

मुजम्मिल गनाई अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में कार्यरत है। उसके किराए के मकान से 358 किलो अमोनियम नाइट्रेट, एक क्रिनकोव असॉल्ट राइफल, 91 जिंदा कारतूस, पिस्टल, टाइमर, बैटरी, रिमोट कंट्रोल, धातु की प्लेटें और अन्य बम बनाने की सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने इसके अलावा दहर कॉलोनी, फरीदाबाद से 2,563 किलो अतिरिक्त विस्फोटक भी जब्त किया, जिससे बड़े पैमाने पर हमलों की योजना का संकेत मिलता है।

2. डॉ. अदील अहमद राथर (कुलगाम, कश्मीर)

सहारनपुर (यूपी) से पकड़ा गया। अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉ. मुजम्मिल और डॉ. उमर के साथ काम करता था। उसके लॉकर से AK-47 राइफल बरामद हुई। वह फरीदाबाद मॉड्यूल का सक्रिय हिस्सा था।

3. डॉ. शाहीन सईद (लखनऊ)

डॉ. मुजम्मिल की कथित प्रेमिका शाहीन सईद को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर श्रीनगर लाया गया। उसकी कार से असॉल्ट राइफल बरामद हुई, जिसे उन्होंने डॉ. मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद घबराकर कचरे में फेंक दिया था। पुलिस के अनुसार, वह भी सक्रिय रूप से मॉड्यूल से जुड़ी थीं।

4. डॉ. उमर मोहम्मद (पुलवामा, कश्मीर)

अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत था और फिलहाल फरार है। पुलिस का कहना है कि उसका सीधा संबंध फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से था और वह विस्फोटक और हथियारों के भंडारण में शामिल था। सूत्रों के अनुसार, वह वही व्यक्ति है जो संभवत: दिल्ली धमाके में मारा गया।

5. डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद (हैदराबाद)

एमबीबीएस (चीन) और पूर्व में एक शावरमा व्यवसायी। गुजरात एटीएस ने 8 नवंबर को गिरफ्तार किया। उसके पास से दो Glock पिस्तौलें, एक बेरेटा, जिंदा कारतूस, और 4 किलो कैस्टर बीन्स मैश (जिससे जहर ‘रिकिन’ निकाला जा सकता है) बरामद हुआ। वह सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी बना था और इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत (ISKP) से जुड़े अबू खदीजा नामक हैंडलर से संपर्क में था। उसने दिल्ली, लखनऊ और अहमदाबाद के सुरक्षा स्थलों की रेकी (जासूसी) की थी।

विश्वविद्यालय और स्थानीय नेटवर्क की भूमिका

पुलिस जांच में सामने आया है कि फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी को इस आतंकी मॉड्यूल ने हथियारों और विस्फोटकों के भंडारण स्थल के रूप में इस्तेमाल किया। विश्वविद्यालय के प्रयोगशालाओं में कई रसायन और उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि डॉ. मुजम्मिल पिछले तीन सालों से विश्वविद्यालय में पढ़ा रहा था और हॉस्पिटल में सेवा दे रहा था। एक स्थानीय ऑटो चालक और एक मौलवी का नाम भी सामने आया है, जिनके माध्यम से विस्फोटक सामग्री एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाई जाती थी।

आतंक संगठन से संबंध

अब तक की जांच में इस मॉड्यूल का संबंध जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) से पाया गया है — जो दोनों ही भारत में प्रतिबंधित आतंकी संगठन हैं। बरामद मोबाइल उपकरणों में पाकिस्तानी नंबर भी मिले हैं, जिनके जरिए संदिग्ध अपने विदेशी हैंडलरों से संपर्क में थे। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त टीमों द्वारा श्रीनगर, अनंतनाग, गांदरबल, शोपियां, फरीदाबाद और सहारनपुर में छापेमारी जारी है। पुलिस ने कहा है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां संभव हैं।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

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अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें
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