SC में शिवसेना पर हो रही थी बहस, बाहर बजने लगा म्यूजिक; सिब्बल बोले- अब डांस करना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना मामले की सुनवाई के दौरान कोर्टरूम के बाहर तेज संगीत बजने लगा। कपिल सिब्बल ने मजाकिया अंदाज में कहा- ‘लगता है अब डांस करने का समय आ गया।’ CJI सूर्यकांत और जस्टिस बागची की टिप्पणियों से भी माहौल हल्का हुआ।

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक मजेदार घटनाक्रम देखने को मिला। लाउड म्यूजिक की आवाज सुनकर सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने भरी अदालत में ही डांस करने की बात कह दी। सामने बेंच पर खुद भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी सीजेआई सूर्यकांत बैठे थे। मामला कोर्टरूम नंबर-1 का है। यहां शिवसेना से जुड़े मामले की सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान बाहर बज रहा म्यूजिक इतना तेज था कि सुनवाई के बीच ही वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मजाकिया अंदाज में टिप्पणी कर दी कि शायद अब डांस करने का समय आ गया है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सिब्बल ने कहा, “मुझे लगता है कि अब डांस करने का समय आ गया है। मुझे नहीं पता कि यह कौन कर रहा है। यह चौंकाने वाला है। लगता है किसी ने चुनाव जीत लिया है या कुछ ऐसा हुआ है।”
सुनवाई के दौरान सिब्बल ने यह भी बताया कि उन्हें दोपहर में मथुरा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक पैदल आना पड़ा, क्योंकि उनकी कार के लिए रास्ते में जगह नहीं थी। उन्होंने कहा कि बाहर काफी भीड़ थी। इस पर जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने हल्के अंदाज में टिप्पणी की, “बार डेमोक्रेसी फल-फूल रही है।” सिब्बल ने जवाब दिया, “हां, बिल्कुल, इसमें कोई संदेह नहीं, कम से कम इस कोर्ट में तो।”
चुनाव को लेकर CJI को देर रात आए फोन
इसी दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने भी चुनाव से जुड़े एक दिलचस्प अनुभव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें देर रात, बल्कि काफी देर रात, एक-दो फोन आए थे। इन फोन में चुनाव को लेकर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया था। CJI सूर्यकांत की इस टिप्पणी पर सिब्बल ने कहा कि अदालत के सामने पहले से ही ऐसे कई मुद्दे हैं, जो वास्तव में सुप्रीम कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से पूरी तरह अलग हैं। सिब्बल ने कहा, “हमारे सामने इतने सारे मुद्दे हैं, जो पूरी तरह से इस अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।”
शिवसेना मामले की गंभीर सुनवाई के बीच हुई ये हल्की-फुल्की टिप्पणियां कोर्टरूम के माहौल को कुछ देर के लिए सहज बना गईं। हालांकि, इसके बाद पीठ के समक्ष मामले की कानूनी दलीलें और संबंधित मुद्दों पर सुनवाई जारी रही।
क्या है शिवसेना मामला?
शिवसेना मामला महाराष्ट्र में 2022 में हुए सत्ता संघर्ष से जुड़ा है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के विधायकों के एक बड़े गुट ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत की और बाद में बीजेपी के समर्थन से शिंदे मुख्यमंत्री बने।
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा क्योंकि किस गुट को असली शिवसेना माना जाए, विधायकों की अयोग्यता और विधानसभा अध्यक्ष के फैसले समेत कई संवैधानिक सवाल उठे। सुप्रीम कोर्ट इन मुद्दों पर सुनवाई कर रहा है। संक्षेप में कहें तो यह मामला शिवसेना में हुई बगावत और उसके बाद महाराष्ट्र में बदली सत्ता की संवैधानिक वैधता से जुड़ा है।


